अागरा में शहीद जवान देवेंद्र बघेल के गांव वाले अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़े

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अागरा में शहीद जवान देवेंद्र बघेल के गांव वाले अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़े


🗒 बुधवार, मई 16 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर देश की रक्षा में अपनी जान की बाजी लगाने वाले जिले के गांव लखनपुर के लाल देवेंद्र बघेल के अंतिम संस्कार से पहले हंगामे की स्थिति बन गई है। शहीद स्मारक बनवाने की मांग को लेकर शहीद के परिवारीजनों व गांव वालों ने दिल्ली हाईवे पर सुबह 10 बजे से जाम लगा रखा है। वह क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि दो सांसदों और नौ विधायक में से किसी के नहीं पहुंचने की वजह से भी आक्रोशित हैं।

अागरा में शहीद जवान देवेंद्र बघेल के गांव वाले अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़े

जाम की वजह से हाईवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई है। सैकड़ों सैलानी व अन्य यात्री परेशान हैं, खासतौर पर वाहनों में बच्चे बिलख रहे हैं। एंबुलेंस भी जाम में फंसीं रहीं, मथुरा से आ रही एक एंबुलेंस को ग्रामीणों ने खुद निकाला। करीब सात घंटे बाद प्रदेश के कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक हेमलता दिवाकर जाम स्थल पर पहुंचे हैं, उन्होंने शहीद के परिजनों व गांव वालों से वार्ता शुरू की है।

शहीद की खबर बीते दिवस गांव में आने पर ग्रामीणों ने गांव के स्कूल का नाम शहीद के नाम पर करने, बच्चों को सरकारी नौकरी और परिजनों को आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग को मान लिया लेकिन जब अंतिम संस्कार के समय तक कोई भी विधायक और सांसद नहीं पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने अंतिम संस्कार स्थल पर शहीद की समाधि बनाने और मुख्यमंत्री के आने की मांग करने लगे।

आक्रोशित ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की क्रिया रोककर हाईवे पर जाम लगा दिया। शास्त्रीपुरम फ्लाईओवर के पास सैंकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। खबर लिखे जाने तक अधिकारी मुख्यमंत्री के आने की मांग को लेकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।इससे पहले बुधवार सुबह शहीद का शव जैसे ही गांव पहुंचा अंतिम संस्कार में शामिल होने और कंधा देने के लिए सैंकड़ों ग्रामीण पहुंच गए। शव को देखते ही बिलख पड़े परिजन बुधवार की सुबह प्रतिदिन की तरह की हुई लेकिन सिकंदरा के गांव लखन पुर में सन्नाटा छाया हुआ था।

जैसे ही शहीद देवेंद्र का शव गांव पहुंचा हर कोई उस ओर ही दौड़ पड़ा। शहीद के शव पर पत्‍‌नी, बच्चों और वृद्ध माता-पिता को बिलखता देख हर ग्रामीणों की आंख नम हो गई। हीरानगर में हुए थे शहीद सिकंदरा के लखनपुर के गांव के रहने वाले 28 वर्षीय देवेंद्र बघेल पुत्र नारायण सिंह वर्ष 2011 में सीमा सुरक्षा बल में भर्ती हुए थे। ग्वालियर के टेकनपुर में प्रशिक्षण के बाद उनको पहली तैनाती पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश सीमा पर मिली। वर्ष 2015 से वह जम्मू में पाकिस्तान सीमा पर तैनात थे।

बड़े भाई देवी लाल बघेल केंद्रीय अर्ध सैनिक बल में जवान हैं। देवेंद्र बघेल की शादी तीन साल पहले खंदौली के नगला हेता निवासी पिंकी से हुई थी। देवेंद्र के दो साल का बेटा धीरज और नौ महीने की बेटी ऋतिका हैं। वह डेढ़ साल महीने पहले कुछ दिन की छुट्टी लेकर परिवार से मिलने आए थे। मंगलवार को लखनपुर गांव में बड़े भाई देवी लाल की पत्नी सुनीता के पास जम्मू के सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय से फोन आया।

एक घंटे के अंतराल पर आए फोन से पहले घायल होने की जानकारी मिली तो दूसरी बार में शहादत की। खबर मिलते ही परिवार आंसुओं में डूब गया। पत्नी पिंकी और रामवती देवी बेहोश हो गई। गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव वालों को देवेंद्र की शहादत पर जहां गर्व है वहीं मासूम बेटे और नौ महीने की बेटी के सिर से पिता का साया उठने का गम भी।

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