यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

अलीगढ़,कब तक सहते रहेंगे ये कंपनी मालिकों के जुल्म और अत्याचार


🗒 शनिवार, सितंबर 23 2017
🖋 आशीष कुमार शर्मा, ब्यूरो प्रमुख अलीगढ

अलीगढ़,गभाना भांकरी निकट बनी बाइक लॉक प्राइवेट कंपनी पावना जेडी में गुरुवार की सुबह अपने भाई अनिल कुमार से मिलने गए भाई से अभद्रता व मारने पीटने की कोशिश की गई उपवेंद्रकुमार के भाई पावना जेडी कंपनी में पिछले छः सात साल से कार्यरत है अनिल कुमार ने अपने भाई उपवेंद्रकुमार को अपनी कंपनी पर किसी कार्य से बुलाया था कंपनी में फोन ले जाने की अनुमति नही है तो कंपनी में उस दिन अनिल अपना फोन लेकर गए थे ताकि भाई उपवेंद्र से बात हो सके तो उपवेंद्रकुमार ने पहले भाई को कॉल की तो उन्होंने किसी कारण बस कॉल प्राप्त नही की उसके बाद कंपनी सुरक्षा गार्ड कोमल सिंह से भाई को बुलाने का आग्रह किया तो गार्ड ने अनसुनी करदी तो फिर इसके बाद दूसरे गार्ड से सम्पर्क किया बुलाने को तो उसने दूसरे गार्ड से बोलने को कहा फिर जब गार्ड कोमल से दोबारा कहा बुलाने को तो गार्ड ने कहा चिल्लाते हुए कहा आधा घण्टे बाद बुलाएंगे इन्जार कर जब यह कहा तो उपवेंद्रकुमार ने थोड़ी जल्दी बुलाने को कहा मेरे साथ मेरी भाभी जी हैं जो बीमार हैं जल्दी बुला दो इस पर गार्ड बाहर निकल कर आया और कहने तेरे बाप के नॉकर नही और कहने लगा कि यहां तू दादा गिरी चला रहा है जा अब नही बुला रहे बोल तू क्या करेगा तुझे जो करना है कर ले तो उपवेंद्र वहाँ से चले गए फिर थोड़ी देर बाद भाई अनिलकुमार की कंपनी से कॉल आयी और भाई ने उपवेंद्र से कहा यहाँ पर मुझ पर कंपनी वाले दवाब बना रहे हैं तुम जल्दी से आ जाओ ये मेरे साथ अभद्र व्यवहार कर रहे हैं और टॉर्चर कर रहे है नही भाई को बुलवाओ नही तो कंपनी से बरखास्त कर देंगे पवन जेडी प्राइवेट लिमटेड कंपनी में आये दिन इस तरह के केश होते रहते है और कंपनी वर्करों पर इसी तरह दवाब बना कर कार्य किया जाता है अगर कंपनी का वर्कर कुछ आवाज उठाने कोशिस करता है तो उसके साथ दवाब बनाया जाता है इसी तरह से कंपनी वर्कर मजबूर होकर कार्य करने के लिए मजबूर हो जाता है और जुल्म शहता रहता है काम की मारा मारी के चक्कर मे व्यक्ति इतना बेबश है कि चार पैसे के लिए व्यकि जुल्म सहन कर अपने बच्चों का पेट पालन करने पर मजबूर है और सरकार चुप है ऐसी कंपनियां पर न तो कोई कार्यवाही की जाती है और कोई जांच अगर कोई शिकायत भी कर दे तो रिश्वत और दलाली देकर अधिकारीयों के मुँह बन्द कर दिए जाते हैं जिसके बाद सभी कार्यवाही की सभी फाइलें बन्द हो जाती हैं और इंसान मझबूरी में पैसों के लिए हर जुल्म सहन कर अपने बीवी बच्चों का पेट पालन करने पर मजबूर है।

अलीगढ़,कब तक सहते रहेंगे ये कंपनी मालिकों के जुल्म और अत्याचार



अलीगढ़ से अन्य समाचार व लेख

» अलीगढ़,विश्वविधालय बनाओ मंच के तत्वाधान में छात्रनेताओ की चार टीमों ने सम्पर्क किया

» अलीगढ़,सुलह अधिकारी के रूप में नियुक्ति हेतु इच्छुक व्यक्ति अपने एसडीएम से सम्पर्क करें                   

» अलीगढ़,एएमयू में फूड क्राफ्ट संस्थान का कार्यक्रम सम्पन्न                 

» अलीगढ़,जनपद स्तर पर 12 मार्च को होगा सामूहिक विवाह कार्यक्रम                

» अलीगढ़ मे बड़ा सवाल कहा चली गईं पत्रकारों की सूचना डायरी

 

नवीन समाचार व लेख

» उन्नाव,उपजिलाधिकारी पुजा अग्निहोत्री पुरवा का सराहनीय कार्य

» अलीगढ़,सुलह अधिकारी के रूप में नियुक्ति हेतु इच्छुक व्यक्ति अपने एसडीएम से सम्पर्क करें                   

» अलीगढ़,एएमयू में फूड क्राफ्ट संस्थान का कार्यक्रम सम्पन्न                 

» अलीगढ़,जनपद स्तर पर 12 मार्च को होगा सामूहिक विवाह कार्यक्रम                

» मांगें पूरी न होने के चलते प्रेरको का धरना जारी