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एडीजी ने मुन्ना बजरंगी मामले मे सुनील राठी से की घंटों पूछताछ


🗒 मंगलवार, जुलाई 10 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में एडीजी (जेल) चंद्रप्रकाश ने मंगलवार को कुख्यात सुनील राठी के अलावा जेल अधिकारियों और कर्मचारियों से साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की। हालांकि पूछताछ का ब्योरा देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि हत्याकांड की हर पहलू पर जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लेखनीय है कि सोमवार को बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आला अफसरों ने जेल में डेरा डाल रखा है। 

एडीजी ने मुन्ना बजरंगी मामले मे सुनील राठी से की घंटों पूछताछ

मंगलवार सुबह सात बजे प्रभारी जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्रा पहुंचे और डेढ़ घंटे बाद डीआइजी संजीव त्रिपाठी। 12 बजे एडीजी जेल चंद्रप्रकाश भी पहुंच गए। सबसे पहले वह घटनास्थल पर पहुंचे और जेल का निरीक्षण किया। इसके बाद जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को तलब किया। एडीजी ने सुनील राठी से भी अकेले में घंटों पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि सुनील ने हत्या की बात तो स्वीकारी, लेकिन पिस्टल अपनी होने से इन्कार कर दिया। बकौल सुनील पिस्टल मुन्ना की ही थी। सुपारी को लेकर उसकी मुन्ना से हुई बहस तनातनी में बदल गई। मुन्ना पिस्टल से उसकी हत्या करने पर आमादा था। इसके बाद उसने पिस्टल छीनकर मुन्ना को मार दिया। अफसरों ने पूरी कार्रवाई को गोपनीय रूप से अंजाम दिया। एडीजी ने कहा कि मामले की न्यायिक, मजिस्ट्रेटी, विभागीय और पुलिस जांच होगी। लापरवाह जेलर समेत चार कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी। पूछताछ में सुनील ने क्या बताया, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है।  

अफसर खाली हाथ 

वारदात के दूसरे दिन भी अफसर पूरी तरह से खाली हाथ हैं। बागपत जेल में पिस्टल कैसे और कब पहुंची और हत्या के कारण अभी तक नहीं पुष्ट नहीं हो पाए हैं। एसपी जय प्रकाश ने केवल इतना कहा कि सुपारी के विवाद में सुनील और मुन्ना की बहस हुई। इसके बाद सुनील ने उसकी हत्या कर दी। सुनील के बयान की तस्दीक की जा रही है। ध्यान रहे कि हत्या में प्रयुक्त पिस्टल वहीं गटर में फेंक दी गई थी जो सोमवार रात में बरामद हुई थी।

टेंडर प्रक्रिया में उलझे सीसीटीवी   

जेल का उद्घाटन 16 मई 2016 को हुआ था। अफसरों ने जल्द ही जैमर और सीसीटीवी लगाने का दावा किया था। 30 जून को सीसीटीवी लगने थे, लेकिन यह तारीख भी बीत गई। एडीजी ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में विलंब होने के कारण सीसीटीवी नहीं लग पाए। जल्द ही कैमरे लग जाएंगे। 

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