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बागपत जेल में दोबारा संघर्ष जेल में सुनील राठी और हप्पू के गुर्गों में तनातनी, अलग-अलग बैरक में किये गये शिफ्ट


🗒 बुधवार, जुलाई 18 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

 कुख्यात सुनील राठी के फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट होने के बाद बागपत जेल में दोबारा संघर्ष के आसार बन गए थे। राठी और हप्पू गिरोह के अपराधी एक-दूसरे पर छींटाकशी करने लगे थे। जेल प्रशासन ने अपराधियों को अलग-अलग बैरकों में शिफ्ट कर दिया। बागपत में प्रमोद गांगनौली और अजीत उर्फ हप्पू बावली का अलग-अलग गिरोह है। दोनों अपराधी पहले एक साथ रहते थे। प्रमोद की हत्या हो चुकी है।

बागपत जेल में दोबारा संघर्ष जेल में सुनील राठी और हप्पू के गुर्गों में तनातनी, अलग-अलग बैरक में किये गये शिफ्ट

उसके गैंग के सदस्यों की कुख्यात सुनील राठी गिरोह से नजदीकी है। हप्पू और प्रमोद गिरोह की जेल और जेल के बाहर ठनी हुई है। हप्पू पर ही प्रमोद गांगनौली की हत्या का आरोप है। पिछले दिनों बागपत जेल हप्पू का मेरठ जेल में स्थानांतरण किया गया था। वहां से भी उसको फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में भेज दिया गया था। इसके बाद भी दोनों गिरोह के अपराधियों की बागपत जेल में तनातनी है। डिप्टी जेलर सुरेश बहादुर ङ्क्षसह का कहना है कि जेल में बंदियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।

माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद हिस्ट्रीशीटर सुनील राठी को तो शासन ने फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया, पर अभी कई अन्य कुख्यातों पर शिकंजा कसा जाना है। 12 कुख्यातों का जल्द ही दूसरी जेलों में स्थानांतरण होगा। एडीजी इनके नाम ले जा चुके हैं। जेल के अफसर भी आदेश का इंतजार कर रहे हैं। बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की नौ जुलाई को हत्या होने से यह जेल बदनाम हो गई है। एडीजी चंद्रप्रकाश ने 10 जुलाई को जेल में पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था और जानकारी ली थी कि जेल में कौन-कौन कुख्यात अपराधी हैं।

जेल प्रशासन ने उनकी सूची बनाकर दी थी। उसके तीसरे दिन ही राठी के फतेहगढ़ सेंट्रल में ट्रांसफर के आदेश आ गए थे और 14 जुलाई को उसकी शिफ्टिंग कर दी गई थी। अब अन्य कुख्यातों की दूसरी जेल में शिफ्टिंग की तैयारी है। उधर, डिप्टी जेलर सुरेश बहादुर सिंह का कहना है कि बंदियों के ट्रांसफर होने की जानकारी तो मिल रही है, लेकिन अभी कोई आदेश नहीं आया है। 

बागपत जेल में माफिया मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद उसके गैंग में खलबली मची हुई है। हत्यारोपित कुख्यात सुनील राठी है। ऐसे में उसके करीबी शूटरों को मुन्ना बजरंगी गिरोह के सदस्यों से खतरा महसूस होने लगा है। अपने सरगना की हत्या का बदला लेने के लिए गैंग के शूटर राठी गिरोह के सदस्यों को निशाना बना सकते हैं। ऐसे में उनके बीच गैंगवार भी हो सकता है। कुछ ऐसी जानकारी इलाहाबाद पुलिस को मिली है। इसके बाद गैंग के शूटर व सदस्यों की निगरानी तेज कर दी गई। 

इलाहाबाद के अलावा प्रतापगढ़, कौशांबी, मीरजापुर और वाराणसी जिले से भी पुलिस, एलआइयू, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम इनपुट जुटा रही है। कुख्यात मुन्ना बजरंगी और उसके कई शूटर नैनी सेंट्रल जेल में बंद रहे थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सुनील राठी गिरोह के देवबंद सहारनपुर निवासी सुशील चौधरी, विनोद चौधरी और आरा बिहार निवासी रविकांत पांडेय की आवाजाही इलाहाबाद में रही है। जबकि, मुन्ना बजरंगी गैंग के दीपक वर्मा, रईश बनारसी, अमजद, अख्तर कटरा, बंटी अफरोज, संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा का इलाहाबाद से पुराना कनेक्शन है।

दोनों ही गिरोह के कई सदस्य यहां फरारी भी काट चुके हैं। ऐसे में वह इलाहाबाद में शरण लेकर भी किसी बड़ी वारदात की योजना बना सकते हैं। इसे देखते हुए जिले की पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। एसएसपी नितिन तिवारी ने बताया कि मुन्ना बजरंगी और राठी गैंग के सदस्यों पर नजर रखी जा रही है। कई शूटरों का इलाहाबाद से पुराना कनेक्शन है। इसे देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।

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