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कांग्रेस छत्तीसगढ़ में बसपा से चाहती है गठबंधन, सपा पर दांव नहीं खेलेगी


🗒 शनिवार, जुलाई 28 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कांग्रेस 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए चुनावी बिसात बिछाने में लगी है, वहीं बहुजन समाज पार्टी और अब समाजवादी पार्टी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जमीन मजबूत करने में लगे हैं। केंद्र व राज्य में भाजपा से निपटने के लिए विपक्षी दलों के लिए जरूरी हो गया है कि वे गठबंधन करें। छत्तीसगढ़ की बात करें, तो यहां कांग्रेस अभी केवल बसपा से गठबंधन चाहती है, लेकिन सीटों का समझौता आसान नहीं होगा।

कांग्रेस छत्तीसगढ़ में बसपा से चाहती है गठबंधन, सपा पर दांव नहीं खेलेगी

बसपा सुप्रीमो मायावती 15 सीटें चाह रही हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतनी सीटें बसपा के लिए छोड़ी गईं तो नुकसान वाला सौदा हो सकता है। इधर, समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति ने अध्यक्ष अखिलेश यादव को गठबंधन के लिए अधिकृत तो कर दिया है, लेकिन कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्य में सपा के लिए एक भी सीट छोड़ने पर पार्टी की मुश्किल बढ़ सकती है।

छत्तीसगढ़ में पिछली बार कांग्रेस सरकार बनाने के लिए केवल 0.75 फीसद वोटों से पीछे रह गई थी। पार्टी का स्थानीय नेतृत्व इस गड्ढे को पाटने की पूरी कोशिश में लगा है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि प्रदेश में एंटी इनकम्बेंसी है, इसलिए कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने में सक्षम है, लेकिन राष्ट्रीय नेतृत्व लोकसभा चुनाव की रणनीति पर काम कर रहा है। इस कारण अब यहां भी नेता बसपा के साथ गठबंधन की पैरवी करने लगे हैं। हालांकि, अधिकारिक तौर पर कोई कुछ नहीं बोल रहा।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा का अनुसूचित जाति का समीकरण गड़बड़ाने के लिए बसपा का साथ कांग्रेस के लिए फायदेमंद रहेगा, लेकिन पांच-छह सीटों से ज्यादा नहीं छोड़ी जा सकती है। हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि बसपा सुप्रीमो कई राज्यों में एक साथ पैकेज डील करना चाह रही हैं। दबाव बनाकर जितनी सीटें बढ़ाई जा सकें, उस रणनीति पर काम हो रहा है।

शनिवार को समाजवादी पार्टी ने भी लखनऊ से गठबंधन को हवा दे दी है। छत्तीसगढ़ में इसे लेकर कोई हलचल देखने को नहीं मिल रही है। पिछले तीन विधानसभा चुनाव के नतीजे देखे जाएं तो सपा को कुल मतदान का एक प्रतिशत भी नहीं मिला है, बल्कि इसका वोट प्रतिशत गिरता ही जा रहा है। कांग्रेस एक-एक सीट की चिंता कर रही है, ऐसे में सपा के साथ विधानसभा चुनाव के लिए समझौता बेहद कठिन है।

सपा का गिरता जनाधार

विवरण-           2003    2008    2013

प्रत्याशी उतारे-  52        33        40

जीते-               00        00        00

जमानत जब्त-   52       33        40

प्राप्त वोट-          91905 57443 37773

प्राप्त वोट का प्रतिशत- 0.95 0.53  0.29

सीट के हिसाब से प्रतिशत- 1.57 1.45 0.64

बसपा का उतार-चढ़ाव

विवरण-              2003      2008      2013

प्रत्याशी उतारे-     54          90          90

जीते-                  02          02          01

जमानत जब्त-     46          83          84

प्राप्त वोट-            429334  656210   558424

प्राप्त वोट का प्रतिशत- 4.45  6.11       4.27

सीट के हिसाब से प्रतिशत- 6.94 6.12  4.29

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