रामराज्य रथ यात्रा पांच इरादे लेकर छह राज्यों से होकर पहुंचेगी रामेश्वरम

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रामराज्य रथ यात्रा पांच इरादे लेकर छह राज्यों से होकर पहुंचेगी रामेश्वरम


🗒 मंगलवार, फरवरी 13 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

साधु-संत व आम लोगों को साथ लेकर रथ यात्रा पांच राज्यों से होकर रामेश्वरम के लिए निकल पड़ी है। 41 दिनों का सफर तय कर यात्रा रामनवमी के दिन रामेश्वरम मे होगी। अयोध्या में यात्रा को विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव चंपत राय ध्वज दिखा कर रवाना किया। रामेश्वरम के बाद यात्रा उसी दिन तिरुवनंतपुरम पहुंचेगी। यहां स्थित सुप्रसिद्ध पद्मनाभ मंदिर के सामने रामराज्य सम्मेलन से यात्रा से जुड़ी मांग को बुलंद किया जाएगा। श्रीरामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी की ओर से संयोजित रथयात्रा के पांच उद्देश्य हैं।

रामराज्य रथ यात्रा पांच इरादे लेकर छह राज्यों से होकर पहुंचेगी रामेश्वरम

  • रामराज्य की संकल्पना को स्थापित करना
  • रामजन्मभूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण
  • रामायण को विद्यालयी पाठ्यक्रम में शामिल कराना
  • रविवार की जगह गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश
  • साल में एक दिन विश्व हिंदू दिवस घोषित करना
  • रथयात्रा के संचालक मंदिर निर्माण की मांग के समर्थन में 10 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर भी एकत्र करेंगे और उसे राष्ट्रपति को सौंपेंगे। रामराज्य यात्रा रवाना करने के लिए कारसेवकपुरम में बड़ी संख्या में भाजपाई, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एवं संत जुटे। श्रीरामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी के महासचिव श्रीशक्ति शांतानंद ने उम्मीद जताई कि अगले वर्ष रामनवमी के अवसर पर जब वे एक अन्य रामराज्य रथयात्रा के साथ वापस अयोध्या आएंगे तो रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो चुका होगा और उसी दिन रामलला का पट्टाभिषेक किया जाएगा। 
  • अयोध्या के कारसेवकपुरम से रामराज्य रथयात्रा निकलने से पूर्व संत सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मंदिर निर्माण की हुंकार भरी गई। अध्यक्षता मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी कमलनयनदास ने की। उन्होंने रामराज्य को साकार करने एवं मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज के संगठन का आह्वान किया। मुख्य वक्ता विहिप महासचिव चंपत राय ने कहा यदि राम के आदर्शों पर सारा समाज चले, तो वैसा समाज संभव है जैसा भगवान राम के समय था। रामजन्मभूमि पर मंदिर के आग्रह को किसी समुदाय के विरोध से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। देश की सुख-शांति और भाईचारा इसी में निहित है कि रामजन्मभूमि पर मंदिर बने। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुस्लिम भी हिंदुओं की भावना को ध्यान में रखकर मंदिर के समर्थन में खड़ा होगा।
  • रथ रवाना होने से पूर्व विहिप के धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने पांच सूत्रीय संकल्प दिलाया। संकल्प में सर्वस्व न्योछावर कर रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण, राष्ट्र गौरव में वृद्धि के प्रयास, प्राचीन धरोहर संरक्षित करने, प्रदूषण मुक्ति एवं देश की आध्यात्मिक विरासत संजोने की बात कही गई।

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