यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

महज 51 पैसे ही माफ हो सका किसान बलवीर सिंह का कर्ज


🗒 शुक्रवार, सितंबर 15 2017
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भले ही प्रदेश के लाखों किसानों का कर्ज माफ करने के दावे हो रहे हैं, लेकिन आंकड़ों को देखने से लगता है कि यह उनके साथ बड़ा मजाक है। फर्रुखाबाद की सूची में काफी संख्या में ऐसे किसान भी शामिल हैं जिनका माफ हुआ कर्ज सौ रुपये से भी कम है। बलवीर व उसकी मां का तो मात्र 51 पैसे का कर्ज माफ हुआ है। फिलहाल तो 51 पैसा चलन में ही नहीं है। 

महज 51 पैसे ही माफ हो सका किसान बलवीर सिंह का कर्ज

जिला प्रशासन के करीब दो माह तक कई स्तर के सर्वेक्षण, जांच, सत्यापन व पुनर्सत्यापन के बाद कर्ज माफी का पहला चरण पूरा हो चुका है। इसमें 17,529 किसानों के ऋण माफ करने की घोषणा की गई। 11 सितंबर को प्रभारी मंत्री चेतन चौहान ने जनपद के 5042 किसानों को ऋण-मोचन अधिकार पत्र वितरित किए थे।

आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की नवाबगंज शाखा के खातेदार बलवीर सिंह  व उनकी मां का 0.51 रुपये का व रामपाल 80.87 रुपये का ऋण माफ किया गया। इसी बैंक की मेरापुर शाखा के जगमोहन का 6 रुपये का, मुरहास शाखा की मान देवी पत्नी रामदत्त का 9.89, राईपुर चिनहटपुर शाखा के शिवराज शाक्य 36, रजीपुर शाखा की मुन्नी देवी का 38, लिंजीगंज के रामबहादुर सिंह का 31.80, भरखा के राजेंद्र का 40.54 व विजेंद्र सिंह का 20 रुपये का कर्ज माफ हुआ है।

बैंक ऑफ इंडिया की गनीपुर जोगपुर शाखा के कमर अली उर्फ कल्लन का 32 व राजेश ङ्क्षसह का 21 रुपये का, बैंक ऑफ इंडिया की कंपिल शाखा के राधेश्याम सिंह का दस व उनके भाई ज्ञानेंद्र ङ्क्षसह का नौ रुपये, इसी बैंक की मोहम्मदाबाद शाखा के निहाल सिंह का 4 रुपये व फेरू सिंह का 33 रुपये का कर्ज माफ हुआ है।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एनआर चौधरी बताते हैं कि शासन के निर्देश पर 31 मार्च 2016 तक किसानों का जितना कर्ज था, उसमें से अधिकतम एक लाख तक का कर्ज माफ करने के निर्देश थे। कई किसानों ने अपने लोन जमा तो कर दिए थे, लेकिन ब्याज के कुछ पैसे या रुपये बाकी रह गए थे। कंप्यूटर ने ऐसे सभी खाते सूची में शामिल कर दिए। इसके पीछे किसी उद्देश्य को तलाशना गलत होगा।

फर्रुखाबाद के नवाबगंज में ग्राम चंदनी निवासी बलवीर व उसकी मां बिटोली देवी ने आर्यावर्त ग्रामीण बैंक से 90 हजार रुपये कर्ज लिया था। लोन के रुपयों से खेत मे आलू व गेहूं की फसल की। गेहूं तो खाने भर को हुआ, जबकि आलू में मंदी के कारण लागत भी नहीं निकल सकी। बैंक कर्मियों ने ऋण अदायगी का दबाव बनाया तो उन्हें अपना डेढ़ बीघा खेत बेचना पड़ा। बिटोली देवी ने खेत बेचकर 19 सितंबर 2016 को 93711 रुपये जमा कर कर्ज चुका दिया। इसके बाद लेखपाल ने कर्जमाफी की उम्मीदें जगाकर खतौनी, आधार कार्ड व अन्य कागजी औपचारिकता पूरी कराई।  कराईं। इसमें उसके लगभग 400 रुपये भी खर्च हो गए। मात्र 51 पैसे की कर्जमाफी की सूचना पाकर बलवीर व बिटोली देवी ठगा सा महसूस कर रहे हैं। बलवीर तो मेहनत मजदूरी के लिए दिल्ली चला गया है। व्यथा सुनाते समय बिटोली की आंखें भर आईं।

फर्रूखाबाद से अन्य समाचार व लेख

» जनपद फर्रुखाबाद में मजार पर पहुंची महिला से झाडफ़ूंक के बहाने तांत्रिक ने की छेड़छाड़

» फर्रुखाबाद पुलिस एनकाउंटर में घायल हुआ 50 हजार का इनामी, दरोगा को लगी गोली

» अब फतेहगढ़ सेंट्रल जेल आते ही सुनील राठी की अधिकारियों से झड़प

» देर रात फतेहगढ़ सेंट्रल जेल सुनील राठी को कड़ी सुरक्षा में लाया गया

» फर्रुखाबाद मे ग्रामीणों ने प्रेमी युगल को पेड़ से बांधकर पीटा, बाल काटकर सिर पर बनाया चौराहा

 

नवीन समाचार व लेख

» करंट लगने से मिस्त्री की मौत, ठेकेदार पर रिपोर्ट

» जिले में सात लाख पौधे रोपित होंगे

» पुलिस ने पकड़ी कार सवार दो लड़कों से 97 ग्राम चरस पकडी

» इलाहाबाद कुंभ मेले के नाम पर निकाला फर्जी टेंडर, ठगी का शिकार हुआ कारोबारी

» इलाहाबाद के कांग्रेस नेताओं द्वारा जारी किये गए पोस्टर राहुल और PM मोदी के गले लगने पर