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मिलिए कानपुर के 'मसीहा' डॉक्टर से, जिनका जिक्र खुद पीएम मोदी ने मन की बात में किया


🗒 रविवार, मार्च 25 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

धरती पर भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की आए दिन अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलती है कानपुर में भी एक ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है. यहां एक डॉक्टर फुटपाथ पर क्लीनिक चलाकर गरीबों का मुफ्त इलाज कर रहा है.

मिलिए कानपुर के 'मसीहा' डॉक्टर से, जिनका जिक्र खुद पीएम मोदी ने मन की बात में किया

यही कारण है कि कानपुर शहर के डॉ अजीत मोहन चौधरी का जिक्र पीएम ने मन की बात में किया. डॉ चौधरी शहर के एक चौराहे पर गरीबों का फ्री में इलाज करते हैं. हालांकि खुद उनके पास 100 बेड का अस्पताल है.
कानपुर में गरीबों की मदद करने के लिए डॉक्टर अजीत मोहन ने कचहरी के चेतना चौराहे पर मंदिर के बाहर अपना क्लीनिक खोल दिया है. यह क्लीनिक सिर्फ 1 घंटे तक चलता है. यहां रोजाना 10 से अधिक मरीज पहुंचते हैं. यहां मरीज अपना ब्लडप्रेशर से लेकर शुगर भी जांच कराते हैं. दवाइयां भी लिखवाते हैं. डॉक्टर अजीत मोहन दवाइयां मुफ्त में देते हैं और इलाज भी मुफ्त में करते हैं. फुटपाथ पर चल रहे इस क्लीनिक पर अब मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती दिख रही है.
क्लीनिक में डॉक्टर साहब के साथ एक कंपाउंडर भी रहता है. डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी का कहना है कि उनका मकसद गरीबों की मदद करना है. यहां पर जो भी मरीज अपनी इच्छा से बॉक्स में पैसा डालता है, उस पैसे को शहीदों के सम्मान में लगाए जाने का उन्होंने संकल्प लिया है.
डॉ अजीत मोहन कहते हैं कि मेरे मन में एक बात थी कि मैं शहीद जवानों के परिवारों और गरीबों के लिए कुछ करूं. यही सोचकर मैंने ये कार्यक्रम शुरू किया है. पिछले एक महीने से मैं ये कर रहा हूं. मुझे खुशी है कि ​देश के प्रधानमंत्री ने मेरे इस कार्यक्रम को संज्ञान में लिया है. मैं उनका बहुत आभारी हूं. साथ ही मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे इस कार्यक्रम को देश की जनता अपने स्तर से, अपने स्थान पर अलग—अलग कामों से आगे बढ़ाएगी.डॉक्टर अजीत मोहन की यह पहल उन डॉक्टरों को आईना दिखाती है, जो मरीजों से मोटी फीस लेकर भी उनका सही इलाज नहीं करते. वैसे डॉक्टर अजीत मोहन चौधरी का लाल बंगले में 100 बेड का अस्पताल भी है, मगर उसके बाद भी वह फुटपाथ पर गरीबों का इलाज करने के लिए सड़क पर उतरे हैं. यहां पर बच्चों का इलाज पूरी तरीके से मुफ्त में किया जाता है.
साधारण कुर्ता पायजामा पहनने वाले डॉक्टर फुटपाथ पर देख कर आने जाने वाले लोग भी आश्चर्यचकित हो जाते हैं. मरीजों का कहना है कि डॉक्टर साहब की पहल सराहनीय है और यदि उनका यह क्रम जारी रहेगा तो निश्चित तौर पर इससे गरीबों को काफी लाभ मिलेगा. वहीं मंदिर के महंत भगतराम का कहना है कि ऐसे डॉक्टरों को ही धरती का भगवान कहा जाता है.

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