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स्वाइन फ्लू का कानपुर में दस्तक अनजाने में डॉक्टर भी आए चपेट में


🗒 गुरुवार, जनवरी 17 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

शहर में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है, संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि एलएलआर अस्पताल (हैलट) में स्वाइन फ्लू पीडि़त मरीज का इलाज करने वाले मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। फिलहाल मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डॉक्टर को छुट्टी दे दी है। स्वाइन फ्लू के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।

 स्वाइन फ्लू का कानपुर में दस्तक अनजाने में डॉक्टर भी आए चपेट में

फतेहपुर का 23 वर्षीय छात्र बारादेवी क्षेत्र में रहकर आइटीआइ कर रहा है। उसे कुछ दिन पहले सर्दी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ हुई। परिजन ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया। स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर छात्र को एलएलआर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। मंगलवार को निजी पैथोलॉजी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आइडीएच के लिए रेफर कर किया। देर रात उसे आइडीएच में भर्ती कराया गया। मेडिसिन विभाग के डॉक्टर को रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी गई और वह रोगी के पास बिना मास्क लगाए चले गए। मंगलवार रात को उन्हें गले और सांस लेने में दिक्कत हुई तो अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने आनन-फानन डॉक्टर को एक सप्ताह की छुट्टी देकर आराम करने भेज दिया।बुधवार को डॉक्टर, आइडीएच में भर्ती छात्र और एक अन्य महिला के सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजे गए। गुरुवार तक रिपोर्ट आ जाएगी। महिला ओपीडी में आई थी। उनको भी सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एलएलआर अस्पताल के कार्यवाहक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि आइसीयू के एक हिस्से में फ्यूमिगेशन हो गया है। डॉक्टर को जेआर ने संक्रमित रोगी के बारे में जानकारी नहीं दी थी। उनको समस्या हो रही है, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

बचाव को ये करें उपाय

  • जहां तक संभव हो भीड़भाड़ वाले स्थान जैसे सिनेमाघर, रेलवे स्टेशन, सिनेमाघर, मेले, होटल में न जाएं।
  • पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
  • मुंह पर हाथ रखकर, खांसें और छींके।
  • भीड़ में जाते समय मास्क का प्रयोग करें।
  • डॉक्टर की सलाह के बगैर दवाएं न खाएं।
  • सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार की शिकायत पर डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हाथ मिलाने से बचें।
  • खाना खाने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोएं।
  • स्वाइन फ्लू की जांचें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में होंगी। स्वाइन फ्लू से संबंधित गाइडलाइन सभी अस्पतालों को जारी कर दी गई है। आइडीएच में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए जांच की सुविधा है। यहां पर संक्रमित रोगियों के सैंपल लेकर उन्हें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी लैब में भेजा जाता है।आइसोलेशन वार्ड में संभावित और संक्रमित व्यक्ति को रखा जाता है, लेकिन पॉजिटिव केस आते ही उन्हें आइडीएच में भेज दिया जाता है। संभावित रोगियों को भी टरकाया जाता है। अत्याधिक गंभीर मरीजों के लिए कहीं भी सुविधा नहीं है।छोटे बच्चों के लिए संक्रमण की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के पास किसी तरह की भी तैयारी नहीं है। उनके लिए जरूरी वेंटीलेटर कहीं भी उपलब्ध नहीं हैं। अगर उन्हें संक्रमण लग गया तो नर्सिंगहोम में भर्ती कराना ही मजबूरी है।

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