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कानपुर के पास शिवराजपुर रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस में 'लो- एक्सप्लोसिव' से हुआ था धमाका


🗒 शुक्रवार, मार्च 01 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कानपुर के पास शिवराजपुर रेलवे स्टेशन पर कानपुर-भिवानी कालिंदी एक्सप्रेस के शौचालय में 'लो- एक्सप्लोसिव' (कम क्षमता का विस्फोटक) से धमाका हुआ था। फोरेंसिक लैब की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसी बारूद सप्लाई करने वालों के साथ वह स्थानीय शातिर भी जांच के घेरे में आ गए है। जिन्होंने पहले बारूद से इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश की थी। इसमें कुलीबाजार, रोशननगर व आर्यनगर ब्लास्ट से जुड़े लोग हैं।

 कानपुर के पास शिवराजपुर रेलवे स्टेशन पर कालिंदी एक्सप्रेस में 'लो- एक्सप्लोसिव' से हुआ था धमाका

कानपुर के शिवराजपुर में 20 फरवरी को कालिंदी एक्सप्रेस के शौचालय में विस्फोट मामले में फोरेंसिक लैब की प्रारंभिक रिपोर्ट से साफ है कि धमाके में लो-एक्सप्लोसिव का प्रयोग हुआ है। इसके चलते बड़ा हादासा होने से बच गया। यह धमाका कैसे हुआ और इसकी प्रकृति का थी इसकी फाइनल रिपोर्ट जल्द ही आधिकारिक तौर पर दे दी जाएगी। फोरेंसिक लैब की इस रिपोर्ट को आधार मानते हुए पुलिस व जीआरपी शहर में बारूद का कारोबार करने वालों के जरिए आरोपितों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है।दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक इससे साफ है कि यह टेस्टिंग लोकल के स्लीपिंग माड्यूल तक अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले उन शातिरों की भी हो सकती है जिन्होंने पिछले दस सालों में बुलेट के साथ बारूद का भी इस्तेमाल किया है। इसके चलते 2015 को कुलीबाजार में हुए विस्फोट, 2006 के रोशननगर ब्लास्ट, 2001 में आर्यनगर कुकर बम की फाइलों को खंगाला जा रहा है।जिसमें 15 जून 2015 को हुई कुलीबाजार वाली घटना व चार मई 2011 को किदवईनगर में टेंपो में मिले टिफिन बम मामले की गहनता से जांच की जा रही है क्योंकि कुलीबाजार में ब्लास्ट शातिर अपराधी सानू के रखे बारूद से हुआ था। वह किसलिए बारूद लाया आज तक नहीं पता चला। ऐसे ही टेंपो में मिले टिफिन बम के विषय में भी कुछ अभी नहीं मिला।सुरक्षा एजेंसी मक्कापुरवा के आरोपितों गिन्ना, अमर सिंह, रंजीत के साथ उनसे मिली जानकारी के अनुसार रवि व बंटी की कुंडली भी खंगाल रही है। इन लोगों का पिछले दिनों कॉल डिटेल के आधार पर छांटे गए 13 लोगों से कनेक्शन तलाशा जा रहा है।फर्रूखाबाद जीआरपी के इंस्पेक्टर मुकेश मलिक ने कल गाजीपुर निवासी संदिग्ध चंद्रशेखर से पूछताछ की। दो सिपाही उसे लेकर सुबह थाने पहुंचे। चंद्रशेखर घटना के दिन धमाके से पहले बाथरूम की तरफ से निकला था। जांच में सामने आया है कि वह गांजा व स्मैक का लती है। परिजन भी उससे मतलब नहीं रखते। वह ऐसे ही भटकते रहता है। घटना वाले दिन शिवराजपुर के दारोगा रणवीर व सत्यपाल ने पूछताछ के बाद नाम-पता नोट कर छोड़ दिया था। 

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