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शासन स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद रसूलाबाद मे एयरपोर्ट स्थापना का रास्ता साफ 


🗒 गुरुवार, मार्च 26 2015
🖋 Arvind Kumar Yadav, Chief Bureau Lucknow

कानपुर देहात: प्रदेश सरकार व नागरिक उड्डयन विभाग की मंजूरी के बाद रसूलाबाद में एयरपोर्ट स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। प्रस्तावित 140.649 हेक्टेयर भूमि में 115.721 हेक्टेयर किसानों से क्रय की जाएगी, जिसका सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है।शासन के निर्देश पर रसूलाबाद क्षेत्र की भौगोलिक स्थित व ऐतिहासिकता को ध्यान में रखते हुए जनवरी माह में एयरपोर्ट स्थापना का प्रस्ताव जिलाधिकारी स्तर से भेजा गया था। नागरिक उड्डयन विभाग ने प्रस्ताव को उपयुक्त बता शासन को भेजा था। शासन स्तर पर प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद एयरपोर्ट स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए मरहमताबाद, वारनपुर कहिंजरी व काशीपुर में ऊसर भूमि चिह्नित की गई है। इसमें मरहमताबाद गांव में 73.266 हेक्टेयर, वारनपुर कहिंजरी में 16.544 हेक्टेयर व काशीपुर में 25.911 हेक्टेयर भूमि किसानों से क्रय की जाएगी। इसके लिए नागरिक उड्डन विभाग पुनर्वासन और पुर्न व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देकर किसानों से भूमि क्रय करेगा। वहीं मरहमताबाद में 21.075 हेक्टेयर, वारनपुर कहिंजरी में 3.025 हेक्टेयर व काशीपुर में 0.828 हेक्टेयर ग्राम समाज की भूमि का पुन‌र्ग्रहण किया जाएगा नागरिक उड्डयन विभाग की टीम ने एयरपोर्ट के लिए चिह्नित भूमि का सर्वे किया था। इसके बाद भूमि का नजरी नक्शा तैयार करके टीम को दिया गया है। क्षेत्र में कितने किसानों से भूमि खरीदनी होगी, इसके लिए जल्द कमेटी गठित की जाएगी। गांवों का सर्वेक्षण कर सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा राशि तय कर शासन से मांग करेगी। शासन से धन अवमुक्त होते ही किसानों से भूमि क्रय की जाएगी।-शिव शंकर गुप्ता, एडीएम प्रशासन-सर्किल रेट को लेकर असंतोष एयरपोर्ट स्थापना के लिए रसूलाबाद तहसील के चिह्नित तीनों गांवों में सर्किल रेट अलग-अलग है। ऐसे में कम सर्किल रेट पर कम मुआवजे को लेकर किसानों में असंतोष पनपने लगा है। मरहमताबाद की भूमि का सर्किल रेट दस लाख रुपये है, जबकि वारनपुर कहिंजरी व काशीपुर का सर्किल रेट 14 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर के अनुसार है। ऐसी स्थिति में मरहमताबाद के लोग लखनऊ तक पहुंच गए है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद यादव ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि में सबसे अधिक भूमि मरहमताबाद की है, जो अन्य गांवों से अधिक मालियत की है। ऐसे में कम मुआवजा निर्धारित होने से किसानों का नुकसान है। इसलिए प्रकरण को शासन तक ले जाना मजबूरी है। एडीएम शिव शंकर गुप्ता ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। भूमि का मुआवजा बराबर करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।


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