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कासगंज में जनसभा में बोले पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादवसपा को गुंडा कहते हैं तो अब बाबा का ही रिकार्ड देख लें


🗒 सोमवार, अप्रैल 15 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

तपती धूप में पसीने से तर-बतर महागठबंधन कार्यकर्ता 12.20 मिनट पर आसमान में हैलीकॉप्टर देखते ही जोश से भर उठे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के मंच तक पहुंचने तक नारे गूंजते रहे तो उनके माइक पर पहुंचते ही उत्साह का सैलाब दिखाई दिया। मंच संभालते ही पहले चरण में महागठबंधन के वोटों की बारिश का जिक्र करते हुए कहा राजनैतिक दलों और टीवी पर ज्यादा बोलने वालों की भाषा बदल गई है। इशारा सीधे-सीधे प्रधानमंत्री की तरफ था। कासगंज के बारह पत्थर मैदान में सपा प्रत्याशी कुं. देवेंद्र यादव के समर्थन में आयोजित सभा में अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि बुआ-बबुआ तो सम्मान का शब्द है। बबुआ तो सबका दुलारा होता है, बीजेपी वाले यह नहीं समझते। नामकरण हम भी करेंगे, लेकिन तारीख और दिन देखकर। 23 मई को जब यह साफ हो जाएंगे, तब नाम देंगे। यह चुनाव महत्वपूर्ण हैं। डॉ. आंबेडकर एवं डॉ. लोहिया की विचारधारा का मेल है। नौकरी देने का वायदा करने वाले पकौड़े वाला बनाने पर तुले हैं। एंबुलेंस का डीजल चोरी हो रहा है। सपा ने 100 नंबर से पुलिस को गांव-गांव तक पहुंचाया था, लेकिन भाजपा ने इसे भी फेल कर दिया। ठोको नीति लागू की है, लेकिन समझ नहीं आ रहा है कभी जनता पुलिस को ठोंकती है कभी पुलिस जनता को। किसी का सम्मान नही बचा। अनुशासित दल के विधायक एवं सांसद जूतों से एक दूसरे को सलामी दे रहे हैं। भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा गुंडों की पार्टी कहने वालों की हकीकत देखनी है तो चुनाव आयोग जाइए। गुंडो को बाहर करने की बात करने वालों पर इतनी धाराएं, जो किसी पर नहीं। अखिलेश ने कहा पहले चाय वाले बनकर आए थे, इस बार चौकीदार बनकर आए हैं। प्रधानमंत्री नहीं प्रचार मंत्री बनकर रह गए हैं। 

कासगंज में जनसभा में बोले पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादवसपा को गुंडा कहते हैं तो अब बाबा का ही रिकार्ड देख लें

नया भारत तभी बनेगा जब नया प्रधानमंत्री मिलेगा। अमेरिका भाजपा का नहीं, भारत का दोस्त है। फौज को भी राजनीति में धकेल रहे हैं। सरकार तो आती-जाती हैं, लेकिन सेना सीमा पर है तो देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा अगर सरकार बनी तो 3000 रुपये महीना समाजवादी पेंशन देंगे। महागठबंधन जनता की आवाज है, जनता का फैसला है। आरक्षण के मुद्दे पर कहा हमें दस फीसद आरक्षण से कोई आपत्ति नहीं, लेकिन अन्य आबादी को भी हिस्सेदारी के हिसाब से मिले। फिर चाहे वो प्रजापति समाज हो, पाल समाज हो या फिर अन्य समाज। मैदान में भीड़ को देख उन्होंने कहा कि सैलाब ने चुनाव का फैसला तय कर दिया है। पूर्व विधायक हसरत उल्लाह शेरवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष वसु यादव, राजवीर ङ्क्षसह, वीरेंद्र ङ्क्षसह सोलंकी, विपेंद्र, मुन्नवर हुसैन, किरण यादव, सत्यभान शाक्य, जहीर अहमद, बीडी राना मंच पर थे। संचालन प्रो.नीरज किशोर मिश्रा ने किया। 

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