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बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें पायदान पर, टॉप में पहुंचने को तय करना होगा लंबा सफर


🗒 बुधवार, जुलाई 11 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कारोबार करने को सुगम व सहूलियत भरा बनाने और इस दिशा में लागू किये गए सुधारों की कसौटी पर उत्तर प्रदेश दो पायदान आगे आया है। केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवद्र्धन विभाग (डीआइपीपी) ने 'बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2017 को लागू करने में मंगलवार को जारी की गई देशव्यापी रैंकिंग में उप्र को 12वां स्थान दिया है। पिछले साल उप्र को 14वां स्थान मिला था।

बिजनेस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश 12वें पायदान पर, टॉप में पहुंचने को तय करना होगा लंबा सफर

यह बात दीगर है कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग के टॉप फाइव में आने के लिए उप्र को सुधारों की राह पर अभी लंबा सफर तय करना है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए उप्र सरकार ने पिछले एक साल के दौरान काफी मशक्कत की। उद्योगों की स्थापना के लिए निवेश मित्र पोर्टल के तहत डिजिटल क्लियरेंस की व्यवस्था लागू की गई। निवेशकों की समस्याओं के निवारण के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड गठित किया गया। इन कोशिशों के बावजूद उप्र को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में लंबी छलांग लगाने के लिए कई राज्यों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी होगी।  

‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान’ लागू करने में आंध्र प्रदेश देश में सबसे आगे
देश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार भले ही ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर दे रही हो लेकिन कई बड़े राज्य कारोबार का अनुकूल माहौल बनाने के लिए जरूरी उपाय करने में पिछड़ रहे हैं। सरकार के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) ने ‘बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान-2017’ (बीआरएपी) लागू करने में राज्यों के प्रदर्शन के आधार पर जो रैकिंग जारी की है, वह इसी तरह की कहानी बयान करती है।

डीआइआइपी के मुताबिक इस एक्शन प्लान को लागू करने की रैकिंग में आंध्र प्रदेश पहले और तेलंगाना दूसरे स्थान पर हैं, जबकि हरियाणा तीसरे और झारखंड चौथे स्थान पर हैं। पिछले साल आंध्र और तेलंगाना संयुक्त रूप से पहले स्थान पर रहे थे। खास बात यह है कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश इस रैंकिंग में 12वें और बिहार 18वें नंबर है। पिछले साल उप्र 14वें स्थान पर था। राज्य को दो स्थान का फायदा हुआ है।

विश्व बैंक की मदद से डीआइपीपी ने यह रैंकिंग दो पैमानों ‘रिफॉर्म एविडेंस स्कोर’ और ‘फीडबैक स्कोर’ को आधार मानकर तैयार की है। ‘रिफॉर्म एविडेंस स्कोर’ का मतलब यह है कि किसी राज्य ने कितने सुधार लागू किए। इस पैमाने पर शत प्रतिशत स्कोर के साथ झारखंड और तेलंगाना शीर्ष पर हैं। राज्यों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए पहली बार कारोबारियों और प्रोफेशनल्स का सर्वे भी किया गया है। डीआइपीपी के सचिव रमेश ने राज्यों की रैंकिंग जारी की है। इसमें नौ राज्यों को टॉप अचीवर्स, छह को अचीवर्स, तीन को फास्ट मूवर्स और 18 को महत्वाकांक्षी राज्यों की श्रेणियों में बांटकर रैंक दी गई है।

डीआइपीपी के अनुसार 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग में गुजरात पांचवें, छत्तीसगढ़ छठे, मप्र सातवें, प. बंगाल दसवें, उत्तराखंड 11वें, हिमाचल 16वें और पंजाब 20वें नंबर पर है। डीआइपीपी ने राज्यों में कारोबार की प्रक्रिया सुगम बनाने के लिए जरूरी सुधार लागू करने के मामले में उनके प्रदर्शन के आधार पर तीसरी बार यह रैकिंग जारी की है।

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