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अब सिपाहियों के विरोध पर सख्त कदम उठाने की तैयारी


🗒 मंगलवार, अक्टूबर 09 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

विवेक हत्याकांड में बर्खास्त सिपाहियों के पक्ष में विरोध के स्वर 10 अक्टूबर को फिर पुलिस-प्रशासन की चुनौती बढ़ा सकते हैं लेकिन सरकार इस बार पहले से तैयार है। वायरल संदेशों पर कड़ी नजर रखे जाने के साथ ही बागियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली गई है। उल्लेखनीय है कि अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी पहले भी दी गई थी लेकिन विरोध को रोका नहीं जा सका था। बुधवार वह दिन है जब एक बार फिर पुलिसकर्मियों के बगावती तेवर दिखने का अंदेशा है।

अब सिपाहियों के विरोध पर सख्त कदम उठाने की तैयारी

बगावत की निगरानी और प्रयास 

  • सोशल मीडिया पर मुखर होते दिख रहे विरोध के स्वर 
  • कई प्रकार वायरल के संदेशों ने बढ़ाई अफसरों की बेचैनी 
  • पुलिस-प्रशासन के सामने 10 अक्टूबर की बड़ी चुनौती 
  • उकसाने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने के निर्देश 
  • अनुशासन में रहकर निष्ठापूर्वक ड्यूटी करने की अपील 
  • पुलिसकर्मियों के हितों के लिए बेहतर काम का प्रयास 

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक विरोध का खतरा

सोशल मीडिया पुलिसकर्मियों को 10 अक्टूबर को ड्यूटी पर रहते हुए काम का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए उकसाया जा रहा है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विरोध के स्वर ज्यादा मुखर होने की बात कही जा रही है। कुछ संदेश में मोटरसाइकिल भत्ते के मुद्दे को उठाते हुए किसी घटना की सूचना पर वहां सिपाहियों के साइकिल से पहुंचने की बात भी कही जा रही है। अभिसूचना विभाग के एसपी मेरठ के पत्र में भी 10 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों के काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करने की तैयारी को लेकर चेताया किया गया है।डीजीपी मुख्यालय से सभी एसएसपी/एसपी को इसे लेकर पूरी सक्रियता बरतने व सिपाहियों को उकसाने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित करने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। विवेक हत्याकांड में बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी की पत्नी राखी के नाम से वायरल एक पत्र में सिपाहियों से कोई विरोध न करने व अनुशासन में रहकर अपने निष्ठा के साथ ड्यूटी करने की अपील की गई है। तैनाती के लिए फिर से बार्डर स्कीम लागू करने पर विचार व 25091 सिपाहियों की पदोन्नति जैसे कदमों को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस की बेहतरी काम और अनुशासनहीनता पर कार्रवाई भी

डीजीपी मुख्यालय अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई के साथ ही पुलिसकर्मियों के हितों के लिए बेहतर काम किये जाने का संदेश देने का प्रयास भी कर रहा है। हालांकि डीजीपी ओपी सिंह ने पहले भी अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन तब विरोध को रोका नहीं जा सका था।

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