यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

अब आउटसोर्सिंग से भरेंगे मेडिकल कालेजों में समूह ग के रिक्त पद


🗒 मंगलवार, अक्टूबर 30 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

 सरकार ने प्रदेश के चार मेडिकल कालेजों में समूह ग के पदों को आउट सोर्सिंग से भरे जाने का फैसला किया है। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया, नई दिल्ली द्वारा तकनीकी एवं गैर तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों की कमी के मद्देनजर इन चारों राजकीय मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मान्यता समाप्त कर दी थी। इससे सरकार के सामने असहज स्थिति उत्पन्न हो गई है।

अब आउटसोर्सिंग से भरेंगे मेडिकल कालेजों में समूह ग के रिक्त पद

राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेज आजमगढ़, जालौन, सहारनपुर और बांदा में समूह ग के तकनीकी एवं गैर तकनीकी संवर्ग के कुल नियमित सृजित 198 रिक्त पदों पर चयन की कार्यवाही अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ के माध्यम से होनी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में चयन की कार्यवाही में एक से दो वर्ष तक का समय लगने की संभावना है। नियमित भर्ती होने तक आउटसोर्सिंग से भरा जाएगा। शर्मा ने बताया कि इन पदों को भरने का प्रस्ताव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेजा गया है। इसकी प्रक्रिया पूरी होने तक के लिए आउट सोर्सिंग से ही इन पदों को भरा जाएगा। इससे इन मेडिकल कालेजों में एमसीआइ की मान्यता बनाये रखने एवं फैकल्टी की कमी को पूर्ण किये जाने के लिए 198 पदों को आउट सोर्सिंग से भरा जाना जरूरी हो गया था। भारत और कोरिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए अयोध्या में क्वीन-हो मेमोरियल पार्क बन रहा है। राम की नगरी में बनने वाले इस विश्व स्तरीय पार्क में पीडब्लूडी के 24.66 करोड़ रुपये की उच्च विशिष्टियों के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अनुमोदित किया है। इसमें फैजाबाद के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया गया है। इस पार्क में विशिष्ट प्रकृति के कार्यों के गुणवत्ता के पर्यवेक्षण के लिए बनाई गई समिति में जिलाधिकारी-अध्यक्ष, अधीक्षण अभियंता सिंचाई, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी, महाप्रबंधक उप्र राजकीय निर्माण निगम, फैजाबाद अंचल और क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी फैजाबाद को सदस्य बनाया गया है।

निश्शुल्क वितरित की जाने वाली कक्षा एक से कक्षा आठ तक की पाठ्य पुस्तकों की छपाई में मितव्ययिता के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। राष्ट्रीयकृत पाठ्य पुस्तकों की छपाई में मुद्रण नीति में बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। अब बिना वाटर मार्क कागज की किताबें छपेगी। पहले की नीति में वाटर मार्क कागज अनिवार्य किया गया था। राज्य सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2018-19 में राष्ट्रीय पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण, प्रकाशन की नीति निर्धारण विषयक शासनादेश में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया गया है।अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कक्षा एक से कक्षा आठ तक की राष्ट्रीयकृत पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण एवं प्रकाशन की व्यवस्था है। मुद्रण और प्रकाशन के लिए एक फरवरी, 2018 के शासनादेश द्वारा नीति निर्धारित की गई है। कुछ कठिनाइयों के दृष्टिगत संशोधन का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा निदेशक ने उपलब्ध कराया था ताकि अगले शैक्षिक सत्र में पाठ्य पुस्तकों का प्रकाशन और आपूर्ति समय से सुनिश्चित किया जा सके। अब किताबें बिना वाटर मार्क कागज की छपेंगी। इससे लागत में दस से बीस फीसद की कमी आएगी। पहले की नीति में निविदा की अर्नेस्ट मनी यानी संपूर्ण कार्य लागत की दो प्रतिशत होने से निविदा डालने वालों की संख्या कम हो जाती थी। नई व्यवस्था में इसे घटाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका लाभ यह होगा कि अधिक से अधिक लोग निविदा डाल सकेंगे और समय से किताबों का प्रकाशन सुनिश्चित हो सकेगा। डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि एक अप्रैल को किताबों समेत बैग देने का लक्ष्य रखा गया है।

लखनऊ से अन्य समाचार व लेख

» अब प्रगतिशील समाजवादी शिवपाल यादव दिखाएंगे अपनी सेक्युलर राजनीतिक ताकत

» मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा फतेहपुर रेल पार्क में 2300 करोड़ से अधिक रुपए के निवेश का प्रस्ताव

» उत्तर प्रदेश में सस्ती होगी यूरिया योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की मुहर

» कहा- महिला, युवा, गरीब व किसानों का सम्मान करो : मुलायम

» राजधानी लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम के बाहर टिकट की खातिर लंबी कतार, खेल प्रेमियों का हंगामा

 

नवीन समाचार व लेख

» नेहरू की मूर्ति हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इन्कार

» अब प्रगतिशील समाजवादी शिवपाल यादव दिखाएंगे अपनी सेक्युलर राजनीतिक ताकत

» मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा फतेहपुर रेल पार्क में 2300 करोड़ से अधिक रुपए के निवेश का प्रस्ताव

» उत्तर प्रदेश में सस्ती होगी यूरिया योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की मुहर

» अब आउटसोर्सिंग से भरेंगे मेडिकल कालेजों में समूह ग के रिक्त पद