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लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर के युवा सर्जनों ने बचाई तीन जानें, सीने से सरिया तो किसी की निकाली गाेली


🗒 मंगलवार, मार्च 12 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

मोहान रोड पर भीषण दुर्घटना में एक युवक के छाती से आरपार हुए लोहे के एंगल को न केवल ट्रॉमा सर्जरी की टीम ने निकाला बल्कि युवक की जान भी बचाई। यही नहीं सराफा लूट कांड और रायबरेली जिला महिला अस्पताल के अधीक्षक के सीने के आरपार हुई गोली को सर्जरी की कुशल टीम ने निकाला। गत आठ से नौ माह में ट्रॉमा सर्जरी की टीम ने 500 से ज्यादा कैजुअल्टी  में सफलतापूर्वक सर्जरी की है। खास बात यह है कि सर्जरी टीम की कमान युवा सर्जन्स के हाथ में है।लगभग सप्ताह पूर्व कानपुर निवासी 23 वर्षीय गोपाल डीसीएम में मिर्ची लादकर लखनऊ से कानपुर आ रहा था। मोहान रोड पर सामने से आ रही कार को बचाने के चक्कर में डाला डिवाइडर से टकरा गया। गोपाल डाले से छिटकर बाहर डिवाइडर पर जा गिरा। गोपाल के सीने में लोहे का एंगल आर पार हो गया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने गैस कटर से सरिया काटकर उसे वहां से निकाला और 108 एंबुलेंस से उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। 

लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर के युवा सर्जनों ने बचाई तीन जानें, सीने से सरिया तो किसी की निकाली गाेली

डॉ. समीर मिश्रा ने बताया गोपाल को रात में तीन बजे ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। बिना वक्त गवाएं उसे इमरजेंसी सर्जरी ओटी में भर्ती किया गया। छाती में एंगल घुसने की वजह से उसका बायें तरफ का फेफड़ा बुरी तरह से डैमेज हो गया था। जिसकी वजह से उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एंगल से उसकी पसलियां टूट गई थी और हार्ट के पास की माइनर वैसल्स में इंजरी हो गई थी। सर्जरी को डॉ.यादवेंद्र ने लीड किया और उनके सपोर्ट में डॉ.संदीप तिवारी और डॉ.समीर मिश्रा रहे। एंगल को बेहद सावधानीपूर्वक एक-एक सेंटीमीटर करके निकाला गया। फेफड़े को तुरंत रिपेयर किया गया और पोस्टीरियो लेटरल थोरोकाटनी तकनीक से छाती को ओपन किया गया। खास बात यह थी कि उस समय कॉर्डियो वेस्कुलर थोरेसिक सर्जरी की टीम व्यस्त होने की वजह से ऑपरेशन में नहीं आ पाई। गोपाल को सांस लेने में दिक्कत थी, लेकिन वेंटीलेटर खाली नहीं था। जिसकी वजह से उसे एंबु बैग से सांस दी गई। रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय यहां तक कि आसपास के तीमारदारों ने भी 12 घंटे तक एंबु बैग चलाया। गोपाल को सात यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, उसे बिना डोनर के ब्लड दिया। दो मार्च को कृष्णानगर स्थित आर के ज्वैलर्स के मालिक राजीव गुप्ता को लुटेरों ने गोली मार दी थी। जिसके बाद उन्हें आनन-फानन ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। यहां डॉ.नरेंद्र कुमार की अगुवाई में सर्जरी की गई। राजीव गुप्ता को तीन जगह गोली  कंधे, छाती और पेट में गोली लगी थी। पेट में लगी गोली से आंत और पेट के पर्दे में इंजरी हो गई थी। वहीं छाती में लगी गोली स्पाइन में अटक गई थी जिसे सर्जरी कर निकाला गया। कंधे में लगी गोली आरपार हो गई थी। लंग्स को स्टेबल करने के लिए इंटर कोलेस्टल डे्रनेज (आइसीडी) तकनीक से प्रेशर कम किया गया। रायबरेली के जिला महिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अंशुमान को बदमाशों ने 10 मार्च को गोली मारी थी। एक गोली उनके पेट में और एक गोली उनके कंधे और छाती के बीच में लगी थी। छाती में लगी गोली से फेफड़ों में इंजरी हो गई थी। वहीं हार्ट की माइक्रोवेसल्स भी डैमेज हो गई थी। परिवारीजन उन्हें ट्रॉमा सेंटर से सहारा हॉस्पिटल ले गए थे जहां उन्हें भर्ती नहीं किया गया और वो वापस ट्रॉमा सेंटर आए। सर्जरी डॉ.संदीप तिवारी और इमरजेंसी की पूरी टीम ने की। पेट और छाती के बीच की गोली आरपार निकल गई थी। वहीं कंधे और छाती के बीच की गोली को बाहर निकाल दिया गया। इन सभी मरीजों की हालत अब सामान्य है और इन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। 

डॉ समीर मिश्रा, डॉ यादवेंद्र और डॉ नरेंद्र कुमार और डॉ संदीप तिवारी । 

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