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बसपा ने अम्बेडकरनगर से दिल्ली के होटल में पिस्टल लहराने वाले आशीष के भाई रितेश पाण्डेय को टिकट


🗒 रविवार, अप्रैल 14 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

लोकसभा चुनाव 2019 में समाजवादी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल के साथ उत्तर प्रदेश में गठबंधन करने वाली बहुजन समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की आज चौथी सूची जारी कर दी है। इसमें 16 प्रत्याशियों का नाम है। बसपा ने अब तक 38 में प्रत्याशियों का नाम फाइनल कर दिया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस बार खुद लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है।बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मेवालाल गौतम में आज 16 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। इनमें बसपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आरएस कुशवाह का भी नाम है। पार्टी ने इनको सलेमपुर से प्रत्याशी बनाया है। बसपा ने सुल्तानपुर से चंद्रभद्र सिंह, श्रावस्ती से राम शिरोमणि वर्मा, प्रतापगढ़ से अशोक कुमार त्रिपाठी, अम्बेडकरनगर से रितेश पाण्डेय तथा डुमरियागंज से आफताब आलम प्रत्याशी बनाया है। सुल्तानपुर से केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ चन्द्रभद्र सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

बसपा ने अम्बेडकरनगर से दिल्ली के होटल में पिस्टल लहराने वाले आशीष के भाई रितेश पाण्डेय को टिकट

बस्ती से रामप्रसाद चौधरी, संत कबीर नगर से भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी, देवरिया से विनोद कुमार जायसवाल, बांसगांव सुरक्षित सीट से सदल प्रसाद, लालगंज सुरक्षित सीट से संगीता, घोसी से अतुल राय, सलेमपुर से आरएस कुशवाहा, जौनपुर से श्याम सिंह यादव, मछलीशहर से त्रिभुवन (टी) राम, गाजीपुर से अफजाल अंसारी तथा भदोही से रंगनाथ मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है।पाटी ने इनमें से 14 को पहले ही लोकसभा प्रभारी घोषित कर रखा था। बसपा ने पहली सूची में 11 तथा दूसरी सूची में छह, तीसरी में पांच तथा आज की सूची में 16 प्रत्याशियों का नाम घोषित किया हैदिल्ली के फाइव स्टार होटल में पिस्टल लहराने वाले आशीष पाण्डेय के भाई रितेश पाण्डेय को बसपा ने अम्बेडकरनगर से प्रत्याशी बनाया है। यहां से पहले इनके पिता राकेश पाण्डेय को बसपा लोकसभा प्रभारी घोषित किया गया था। 'पिस्टल पाण्डेय' के नाम से विख्यात हो चुके आशीष के पक्ष में रीतेश ने माहौल बनाया था। रितेश पाण्डेय 2017 के विधानसभा चुनाव में अंबेडकरनगर की जलालपुर सीट से विधायक बने थे, जिसके बाद अब पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव में उतारने का फैसला किया है।इससे पहले रितेश पाण्डेय तब चर्चा में आए थे, जब उनके भाई आशीष पाण्डेय ने दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में पिस्टल लहराते हुए एक शख्स को धमकी दी थी। इसके बाद आशीष पांडे को पिस्टल पाण्डेय के रूप में काफी सुर्खियां मिली थीं। रितेश खुद अपने भाई के बचाव में उतरे थे और उन्होंने मीडिया पर ही घटना को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया था। सियासी तौर पर भी रितेश पाण्डेय और उनके परिवार का बड़ा नाम है। उनके पिता राकेश पाण्डेय बसपा के टिकट पर सांसद रहे हैं। 

बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी बसपा ने गाजीपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया। अफजाल अंसारी बाहुबली मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं और वह 2004 में गाजीपुर सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीतकर संसद पहुंच चुके हैं। इसके बाद अफजाल अंसारी ने 2009 में बसपा के टिकट पर फिर गाजीपुर से भाग्य आजमाया, लेकिन वो सपा प्रत्याशी से हार गए। अब बीएसपी ने एक बार फिर अफजाल अंसारी को गाजीपुर से लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। अफजाल के सामने भाजपा के मनोज सिन्हा हैं। अफजाल पांच बार विधायक रहे हैं। 66 वर्ष अफजाल युसूफपुर, मुहम्मदाबाद के निवासी हैं। उन्होंने एमए तक शिक्षा प्राप्त की है। पांच बार मुहम्मदाबाद विधानसभा से विधायक रहे हैं।चार बार कम्युनिस्ट पार्टी से तथा एक बार समाजवादी पार्टी से विधायक रह चुके हैं। कम्युनिस्ट पार्टी से 1985,  1989, 1991, 1993 तथा समाजवादी पार्टी से 1996 में विधायक रहे। 2002 में भाजपा के कृष्णानंद राय से हार का सामना करना पड़ा। 2004 में गाजीपुर लोकसभा चुनाव में दो समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते। भाजपा के मनोज सिन्हा को दो लाख 27 हजार वोटों से हराया। वर्ष 2009 में बसपा की टिकट से गाजीपुर लोक चुनाव लड़े। सपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 2014 में बलिया लोकसभा चुनाव में कौमी एकता दल से ताल ठोंके, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।

मायावती के साथ ही राम प्रकाश गुप्ता सरकार में मंत्री रहे रंगनाथ मिश्रा को बसपा ने भदोही से प्रत्याशी घोषित किया है। रंगनाथ मिश्रा औराई से चार बार विधायक रह चुके हैं। रंगनाथ मिश्रा भदोही के गांव सहसेपुर में 1959 में जन्मे हैं। 1990 सक्रिय राजनीति में आने के बाद मुड़कर नहीं देखा। औराई विधानसभा से 1993, 1997, 2005 और 2007 में वह विधायक चुने गए। विधायक के तौर औराई का सबसे अधिक विकास किया।उत्तर प्रदेश सरकार में गृह राज्य मंत्री मंत्री, शिक्षा मंत्री, ऊर्जा मंत्री, परिवार कल्याण मंत्री, और वन मंत्री जैसे महत्वपूर्ण विभागों में मंत्री पद पर रहते हुए प्रदेश की तरक्की में अमूल्य योगदान दिया है। शिक्षा मंत्री रहते उत्तर प्रदेश में इन्होंने हजार से ज्यादा विद्यालय और 158 राजकीय इंटर कॉलेज शुरू किया। अंग्रेजी मीडियम और कंप्यूटर क्लास की कराई शुरुआत। 400 मदरसों और 150 संस्कृत विद्यालयों को अनुदान दिया। शिक्षा प्रणाली में ग्रेडिंग सिस्टम की शुरुआत की।पूर्वांचल में बसपा ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। जौनपुर लोकसभा से श्याम सिंह यादव व मछलीशहर क्षेत्र से अजगरा वाराणसी के पूर्व विधायक टी राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इसी के साथ गठबंधन के प्रत्याशी को लेकर  चल रही अटकलों को विराम लग गया है। मछलीशहर (सु) क्षेत्र  से सपा-बसपा गठबंधन से बसपा के उम्मीदवार त्रिभुवन राम (टी राम) पीडब्लूडी के मुख्य अभियंता पद से 2011 में अवकाश प्राप्त करने के बाद बसपा की राजनीति में सक्रिय हुए।पार्टी मुखिया के विश्वास प्राप्त टी राम 2012 में वाराणसी के अजगरा विधान सभा क्षेत्र से विधायक भी चुने गए थे। 67 वर्षीय टी राम मूलत: डोभी ब्लाक के ग्राम भगतौली चांदेपुर के मूल निवासी हैं और लोकसभा चुनाव में पहली बार मैदान में उतरे हैं। 1971 में बीएचयू से बीटेक के बाद 1972 में लोकनिर्माण विभाग में अभियंता बने। वह विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत होने के बाद राजनीति में सक्रिय हो गए।

पीसीएस अधिकारी श्याम सिंह यादव को जौनपुर लोकसभा से उम्मीदवार बनाया गया है। 65 वर्ष श्याम सिंह यादव रानी पट्टी, ब्लाक मडिय़ाहूं, जौनपुर के निवासी हैं। इनका शूटिंग में भी काफी रुझान है। 1982 में पीसीएस में चयन के बाद हरिद्वार, आगरा, मुरादाबाद, गाजियाबाद, नोएडा सहित कई स्थानों पर एसडीएम व एडीएम रहे।2014 में सेवानिवृत्त होने के बाद चार साल से बसपा में सक्रिय भूमिका में हैं। उत्तर प्रदेश रायफल एसोसिएसन के अध्यक्ष हैं। इससे पहले राइफल एसोसिएशन में कोच रह चुके श्याम सिंह यादव पहली बार बने किसी चुनाव में उम्मीदवार बने हैं। वहीं पूर्वांचल के बाहुबली पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के बेटे भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी को संत कबीर नगर से टिकट दिया गया है।खलीलाबाद लोकसभा सीट पर 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लडऩे के बाद हार का सामना करने वाले भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी ने इसी सीट पर 2008 के उपचुनाव में बसपा का दामन थाम लिया। सपा छोड़कर बसपा में शामिल होते ही न केवल उन्हें उपचुनाव में जीत मिली बल्कि 2009 के अगले आम चुनाव में भी वह बसपा के टिकट पर ही दोबारा संसद पहुंचे। इनके भाई भी विनय शंकर तिवारी गोरखपुर के चिल्लूपार से बसपा के विधायक हैं। 

आजमगढ़ के लालगंज के संगीता आजाद लालगंज से बसपा प्रत्याशी होंगी। संगीता वर्तमान बसपा विधायक अरिमर्दन आजाद की पत्नी और बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य गांधी आजाद की पुत्र वधू हैं।उन्होंने बीएससी, बीएड तक शिक्षा ग्रहण की है। इसी 28 मार्च को लालगंज में सपा-बसपा की संयुक्त बैठक में बसपा के मंडल प्रभारी घनश्याम खरवार ने लालगंज संसदीय क्षेत्र का संगीता आजाद को प्रभारी घोषित किया था।

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