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मध्य प्रदेश मे हर पर्ची में भाजपा को मिल रहा था वोट, कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई


🗒 बुधवार, अप्रैल 11 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

मध्य प्रदेश के अटेर विधानसभा उपचुनाव के समय वोटर वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के प्रदर्शन में हुई लापरवाही के चलते प्रदेश सरकार ने भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी. को आरोप पत्र थमा दिया है। दरअसल, वीवीपैट के प्रदर्शन के दौरान, जितनी भी वोटर स्लिप निकली थीं, उनमें से ज्यादातर भाजपा के पक्ष में जाती हुई दिखाई दी थीं।

मध्य प्रदेश मे हर पर्ची में भाजपा को मिल रहा था वोट, कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई

इस मामले को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लेते रिपोर्ट तलब की थी। इसके आधार पर सरकार को कार्रवाई करने कहा था। सरकार ने कलेक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसके मद्देनजर सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोप पत्र जारी किया है।

गौरतलब है कि 31 मार्च 2017 को अटेर विधानसभा उपचुनाव में वीवीपैट का उपयोग होने और लोगों को इसकी जानकारी देने को मशीन का प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मशीन के प्रदर्शन के दौरान जितनी भी मतदाता पर्ची निकलीं, उसमें अधिकांश मत भाजपा को जाते हुए नजर आए। इसको लेकर मीडिया ने सवाल खड़े कर दिए। इससे वीवीपैट को लेकर भ्रम का माहौल पैदा हो गया था, जिसे देखते हुए चुनाव आयोग ने रिपोर्ट तलब कर ली थी।

 मशीनें उत्तर प्रदेश से आई थीं और उसमें पहले से मत दर्ज थे। नियमानुसार मशीनों को खाली करना था, पर इसमें लापरवाही बरती गई। आयोग ने मामले को गंभीर मानते हुए सरकार से कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। इसके मद्देनजर सरकार ने घटना के लगभग एक साल बाद अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम 1969 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला करते हुए कलेक्टर को आरोप पत्र जारी कर दिया है।

ईवीएम से छेड़छाड़ पर हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर 2019 लोकसभा चुनाव में वीवीपैट मशीनों के इस्तेमाल की बात कही और पत्र लिखकर 3 हज़ार 174 करोड़ रुपये की मांग की ताकि हर ईवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन को जोड़ा जा सके।

वोट वैरिफिकेशन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट)

वीवीपैट को ईवीएम के साथ जोड़ा जाता है। वोटिंग के दौरान वोटर जैसे ही ईवीएम में अपने प्रत्याशी के पक्ष में बटन दबाता है उसका प्रिंट स्लिप इस वीवीपैट मशीन से निकलता है और सुरक्षित होता जाता है। जहां मतगणना के समय ईवीएम खराब होने की शिकायत मिलती है या दोबारा वोटों की गिनती की जरूरत पड़ती है तो इन्हीं स्लिप के माध्यम से दोबारा गणना हो जाती है।

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