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नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस के साथ नौ मंत्रियों ने ली शपथ


🗒 शुक्रवार, अक्टूबर 31 2014
🖋 Bipendra Kumar Singh, Bureau Maharashta

नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस के साथ नौ मंत्रियों ने ली शपथ
बीपेन्द्रकुमार सिंह

नागपुर । आज से 34 साल पहले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था, कि इस समुद्र की गहराईयों से भी एक दिन कमल खिलेगा जिसे नागपुर के तेज तर्रार युवा नेता देवन्द्र फडणविस ने मुंबई के ऐतिहासीक वानखेडे स्टेडियम में हजारों लोगों के बीच अटलजी का स्वप्न पुरा किया । इस ऐतिहासिक समारोह में पूरा स्टेडियम भगवा व कमल के झंडो से पटा हुवा था । इस मौके पर अंतिम समय मे लिया गया भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से बातचित कर शिवसैनिकों की कडवाहट को दूर कर दिया । पद एवं गोपनियता की शपथ लेते ही देवेन्द्र फडणविस नागपुर व भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गये । शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं में बेहद उत्साह का माहौल रहा । जगह जगह पटाखे फोडकर और मिठाईयां बांटकर अभिनंदन किया गया । जहां दो दिन पहले से ही नागपुर शहर से मुंबई जानेवाली हर टेªन पर भाजपा कार्यकर्ताओं की भिड देखी गयी थी तो दूसरी तरफ टेªन और नागपुर से मुंबई की सभी उडाने फुल हो चुकी थी । लेकिन विदर्भ के कार्यकर्ता ‘देवेन्द्र फडणवीस तुम आगे बढो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे से गुंज रहे थे ।
शहर से पहला मुख्यमंत्री होने से उपराजधानी नागपुर में गजब का उत्साह देखा गया । क्या समर्थक और क्या विरोधी सभी स्वागत कर जश्न मना रहे हैं । ऐसे में अपेक्षा भी बढ गई हैं । नागपुर सहित विदर्भवासियों को अपनी शिकायते लेकर अब मुंबई जाने की जरूरत नही पडेगी । नागपुर शहर के मुख्यमंत्री निवास रामगिरी और शितकालिन अधिवेशन की तैयारी नागपुर में होने की वजह से अनेक नये कक्षों का निर्माण का कार्य भी आरंभ हो गया हैं । विदर्भवादियों के लिए शहर के हैदराबाद हाऊस में ही अपनी शिकायते या निवेदन दे सकते हैं । उनकी शिकायतों का समाधान भी नागपुर से ही किया जाएगा । मुख्यमंत्री बनने के साथ ही मुंबई मंत्रालय से ज्यादा नागपुर के मंत्रालय से प्रशासन की गतिविधियां बढ गयी हैं । रूके हुये प्रकल्प की फाईले निकलने लगी हैं । सर्वाधिक प्रकल्प फिलहाल नागपुर महानगर पालिकाका ही बताया जा रहा हैं । इसके पहले ये सभी फाईले केन्द्र में बीजेपी की सरकार और महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार होने की वजह से इन फाईलों का निपटारा राजनीतिक विवाद में पडकर सब अटकी पडी थी । अब दोनों जगह भाजपा सरकार होने से इन्हे तुरंत हरी झंडी मिलने में आसानी होगी । केन्द्र से लेकर महानगर पालिका तक बीजेपी की सरकार होने के कारण इन रूके हुये प्रकल्पों के निपटारे के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा हैं ।
शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद केबिनेट की पहली बैठक नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने ली । इस छोटे से मंत्रिमंडल में सात कॅबिनेट और दो राज्यमंत्री बनाये गये हैं । विभागों का बटवारा बाद में किया जायेगा । एक दिन मुंबई मे रूकने के बाद 2 नवम्बर को गृहनगर मे आगमन होगा। इस दौरान विमानतल से उनके निवासस्थान तक विराट रैली निकाली जाएगी और घर के सामने के मैदान को भी मुंबई की तर्ज पर दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है । उसके बाद नागपुर शहर के नागरिकों द्वारा उन्हे भव्य सत्कार समारोह किया जाएगा ।
सुरक्षा एजंसियों के लिए बढा सिरदर्द:- महाराष्ट्र राज्य के नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को नागपुर दौरा को लेकर सुरक्षा एजंसियों का सिरदर्द फिलहाल बढ गया हैं । शहर के पुलिस और खुफियां एजंसियों के कान खडे हो गये है । पुलिस और खुफिया एजंसियों के अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्थाकी समीक्षा करने मे जुटे हैं । नागपुर शहर इसके पहले भी आतंकी और नक्सली के निशाने पर रही हैं। 2004 में महल के बडकस चौक पर बम रखा गया था । तो जून 2006 में महल स्थित संघ मुख्यालय पर हुये हमले को आतंकवाद से प्रभावित शहरों की सुची में शामिल कर दिया था । किसी आतंकी संगठन के सदस्य की ब्रेनमैपिंग कराये जाने का मामला नागपुर से ही जुडा था । इसतरह दिल्ली की केन्द्र सरकार और मुंबई की राज्य सरकार दोनो ही जगह भाजपा की सरकार होने के कारण शक्तिपुंज नागपुर से ही संचालित होगी । जेड प्लस की श्रेणी में एसपीयू के अधिकारी सहित दस कर्मचारी तथा जेड श्रेणी में ही अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व केन्द्रिय मंत्री प्रफुल पटेल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शामिल रहते हैं। इस सूची में अब नये नाम राज्य के नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का भी शामिल हो गया हैं। लेकिन इन सबकी बढती जिम्मेदारियों को देखते हुये कुछ एसपीयू-एटीएस से ही काम चलाया जा रहा हैं। आगामी दिनों में ऐसे कई मौके आयेंगे जब संघप्रमुख मोहन भागवत, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस एकसाथ किसी समारोह में शिरकत करेंगे । ऐसे मौको पर पुलिस और खुफिया एजंसियों को परेशानी हो सकती हैं । फडणवीस के निवास स्थान धरमपेठ व शासकिय निवास रामगिरी में आये दिनों आवाजाही काफी रहेगी । ऐसे में नागपुर के अस्थायी मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा को भी बढानी पड सकती हैं ।

नये मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणविस के साथ नौ मंत्रियों ने ली शपथ

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