जनपद मथुरा में माहौल बिगाडऩे की कोशिश, जानिये कैसे पुलिस ने संभाला मामला

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जनपद मथुरा में माहौल बिगाडऩे की कोशिश, जानिये कैसे पुलिस ने संभाला मामला


🗒 मंगलवार, दिसंबर 11 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे के उद्देश्य से अराजक तत्वों ने रविवार रात मथुरा जिले में सुरीर के समीप गांव परसोती गढ़ी मोड़ पर मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिसे देख कर अल्पसंख्यक समाज के लोगों में रोष फैल गया। सूचना पर इलाका पुलिस भी पहुंच गई। आनन-फानन में मजार की मरम्मत करा मामला शांत करा दिया गया।

जनपद मथुरा में माहौल बिगाडऩे की कोशिश, जानिये कैसे पुलिस ने संभाला मामला

मामले के अनुसार थाना सुरीर क्षेत्र में नौहझील- मांट मार्ग पर गांव परसोतीगढ़ी मोड़ पर एक मजार बनी है। जिस पर दोनों संप्रदाय के लोग मत्था टेकते हैं। रविवार रात अराजक तत्वों ने मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। सोमवार सुबह इसकी जानकारी होने पर मजार की देखरेख करने वाले परसोतीगढ़ी निवासी कपूरा खां ने समाज के लोगों को इससे अवगत कराया। थोड़ी ही देर में दोनों संप्रदाय के तमाम लोग मजार के पास इक_े हो गए। सूचना पर इंस्पेक्टर सुरीर महेंद्र कुमार भी फोर्स के साथ मजार पर पहुंच गए। मामले की जानकारी करने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में मजार की मरम्मत करा कर मामला शांत करा दिया।इस मजार पर चार-पांच दिन पहले अपरिचित मौलवी आकर ठहरा था। मौलवी ने मजार की देखरेख कर रहे कपूरा खां को मजार के चारों ओर बाउंड्रीवाल एवं टीन शेड लगाने को उकसा दिया था। मौलवी की बातों में आकर कपूरा खां निर्माण कार्य शुरू करा रहा था। अपने खेत के आगे बनी मजार पर बाउंड्री एवं टीनशेड लगाने का संजय सिंह एवं जसवंत ने विरोध किया। कपूरा खां की नीयत भांप कर अन्य ग्रामीणों ने भी विरोध कर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। ग्रामीणों के विरोध को देख मौलवी चंपत हो गया। इंस्पेक्टर सुरीर का मानना है कि इसी विवाद को लेकर मजार को साजिशन क्षतिग्रस्त किया गया है। जिसमें मजार की देखरेख करने वाले कपूरा खां की भूमिका भी सदिंग्ध प्रतीत हो रही है। इंस्पेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर किसी ने मजार के नाम पर माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पिछले चौबीस घंटे में तीन ऐसी वारदातें हुई हैं जो यह संकेत करती हैं कि कोई है जो मथुरा की शांत फिजां में आग लगाने की शरारत कर रहा है। यह तीनों घटनाएं जिले के तीन अलग हिस्सों में हुईं लेकिन कोशिश धार्मिक उन्माद फैलाने की रही। मगोर्रा थाना क्षेत्र में पहले सांड की हत्या की गई फिर देर रात गोवंश के मांस को लेकर फायरिंग हुई और सुबह नौहझील में एक मजार टूटी मिली। ऐसे में समाज में शांति चाहने वालों का कर्तव्य है कि वह अपनी आंखें खुली रखें और किसी अफवाह में न आएं।

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