यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

चंद्रोदय मंदिर में हर्षोंल्लास के साथ मना चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव दिवस


🗒 शुक्रवार, मार्च 22 2019
🖋 रविकान्त, ब्यूरो प्रमुख मथुरा

मथुरा। ब्रज उत्सवों का देश है और होली का नाम सुनते ही हमारे मानस पटल पर ब्रज मंडल में खेली जाने वाली लठ्मार होली, फूलों की होली, लड्डू होली स्वतः ही नेत्रों के समक्ष आ जाती है। लेकिन गौड़ीय वैष्णव संम्प्रदाय द्वारा होली का उत्सव ष्गौर पूर्णिमाष् ;चैतन्य महाप्रभु के आविर्भाव दिवस द्ध के रूप में मनाया जाता है। वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर में आज दिनांक 21 मार्च 2019 को श्री चैतन्य महाप्रभु का अवतरण दिवस मनाया गया। श्री चैतन्य महाप्रभु के गौर वर्ण होने के कारण उन्हंे गौरांग नाम से संबोधित किया जाता है। श्री गौरांग महाप्रभु, कृष्ण के छन्नावतार कलयुग में अवतरित हुए। उन्होंने अपने अवतरण के लिए पश्चिम बंगाल नदिया जनपद के नवद्वीप में श्री जगन्नाथ मिश्र एवं शची माता को चुना। आज वही शुभ दिन फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि है, जब गौर पूर्णिमा उत्सव मनाया जा रहा है। 

चंद्रोदय मंदिर में हर्षोंल्लास के साथ मना चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव दिवस

वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर में आज गुरूवार को आयोजित चैतन्य महाप्रभु के आविर्भाव उत्सव के दौरान मंदिर के अध्यक्ष श्री चंचलापति दास ने भक्तों को संम्बोधित करते हुए कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु ने हरे कृष्ण महामंत्र के माध्यम से कृष्ण प्रेम प्राप्ति एवं नित्य हरे कृष्णा महामंत्र जप करने का रास्ता हमें दिखाया। उन्होंने सभी भक्तों को महाप्रभु के सिद्धांतो को जीवन में उतारने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु के शिक्षाष्ट्कम के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी समस्त निजी शक्तियों को अपने नाम में समाहित कर दिया है। इसलिए कलियुग में मनुष्य भगवान् के पवित्र नाम के जप द्वारा अपने सभी पापों से मुक्त हो सकता है एवं भगवान् के पवित्र नाम “ हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे !
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे !! का जप अति सरलता से किया जा सकता है।

इस पावन पर्व का शुभारंभ प्रातः कालीन मंगला आरती के साथ हुआ। इस क्रम में ठाकुर श्रीश्री राधावृन्दावन चंद्र को नवीन पोषाक धारण करा, उनके समक्ष छप्पन भोग का आयोजन किया गया। वहीं मंदिर प्रांगण को विशेष प्रकार के पुष्पों से सुसज्जित कर फूल बंगल का आयोजन किया गया। इस पावन पर्व पर मंदिर प्रांगण में ही चैतन्य महाप्रभु एवं नित्यानंद महाप्रभु के पालकी उत्सव का आयोजन किया गया। तत्पश्चात् उत्सव विग्रह को मंदिर प्रांगण स्थित उत्सव मंडप में अभिषेक के लिए ले जाया गया। जहां उनके महाभिषेक की प्रक्रिया का शुभारंभ वैदिक (मंत्रोच्चारण) के साथ हुआ। जिसमंे चैतन्य एवं नित्यानंद महाप्रभु का अभिषेक 108 प्रकार के दिव्य पदार्थों से किया गया।
इस अवसर पर श्री युधिष्ठिर कृष्ण दास, श्री भरतर्षभ दास, श्री कैवल्यपति सहित भारत के विभिन्न राज्यों से आए हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लेकर इस उत्सव को सफल बनाया व श्रीश्री गौरांग महाप्रभु का शुभाशीष प्राप्त किया।

मथुरा से अन्य समाचार व लेख

» मथुरा के कोसिकलां में होली खेलने के बाद नहाने के लिए तलाव में उतरे तीन बच्चों की डूबने से हुयी मौत

» सिपाही ने युवक को मारी गोली,मौके पर मौत

» मथुरा के राया के ग्राम में फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

» व्रन्दावन में होली की मस्ती में युवक ने डाला रंग तो सिपाही ने मार दी गोली हुयी मौत

» मथुरा यमुना एक्सप्रेस वे टोली चौकी पर चेकिंग के दौरान एक कैंटर गाड़ी में भारी मात्रा में शराब हुयी बरामद

 

नवीन समाचार व लेख

» कानपुर मे रंग खेलकर नहाते समय पांच दोस्त गंगा में डूबे, गोताखोर कर रहे तीन की तलाश

» हमीरपुर मे रंग खेलने को लेकर हुए विवाद में बड़े ने खेल डाली छोटे भाई के खून की होली

» जिला हाथरस में ट्रैक्टर-ट्रॉली से रोडवेज बस भिड़ी, सिपाही सहित छह की मौत

» गोरखपुर मे योगी आदित्यनाथ ने उड़ाया अबीर-गुलाल, उल्लास से सराबोर हुए लोग

» लखीमपुर सदर से भाजपा विधायक योगेश वर्मा को होली के दौरान मारी गई गोली, जख्मी