मुजफ्फरनगर दंगा मामले मे सांसद और विधायक ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

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मुजफ्फरनगर दंगा मामले मे सांसद और विधायक ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण


🗒 शुक्रवार, जनवरी 19 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण एसीजेएम-2 कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने पर शुक्रवार को भाजपा सांसद डॉ. संजीव बालियान और बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने सरेंडर कर दिया। वर्ष 2013 में नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत में मामले में दोनों को नामजद कराया गया था।  सरेंडर के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में रखा गया। इसके बाद प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों को रिहा कर दिया। सुनवाई 29 जनवरी को होगी। 

मुजफ्फरनगर दंगा मामले मे सांसद और विधायक ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

31 अगस्त 2013 को सिखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव नगला मंदौड़ में महापंचायत का आयोजन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने भड़काऊ भाषण सहित विभिन्न संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इनमें सांसद डॉ. संजीव बालियान, विधायक उमेश मलिक, बिजनौर सांसद कुंवर भारतेन्द्र  सिंह, साध्वी प्राची आदि सहित 14 लोगों को नामजद किया गया था। मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम-2 मधु गुप्ता के न्यायालय में चल रही है। इन मामलों में पेश न होने पर एसीजेएम-2 मधु गुप्ता ने सांसद डॉ. संजीव बालियान व विधायक उमेश मलिक सहित चार आरोपियों के विरुद्ध 15 दिसंबर 2017 को गैर जमानती वारंट जारी किए थे। वरिष्ठ अधिवक्ता चन्द्रवीर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को नगला मंदौड़ पंचायत के मामले में आरोपी सांसद डॉ. संजीव बालियान व बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने एसीजेएम-2 न्यायालय में सरेंडर किया।

न्यायालय ने सुनवाई करते हुए 30-30 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधक पत्र पर गैर जमानती वारंट निरस्त कर दिए और दोनों को रिहा कर दिया। दंगे से जुड़े एक और मामले में आरोपी पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र ङ्क्षसह व श्यामपाल चेयरमैन ने भी शुक्रवार को ही एसीजेएम-2 न्यायालय में सरेंडर किया। उक्त दोनों के विरुद्ध  24 नवंबर 2017 को न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किए थे। न्यायालय में आत्मसमर्पण करने के बाद दोनों की ओर से गैर जमानती वारंट निरस्त कराने को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम-2 मधु गुप्ता ने 60-60 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधक पत्र भरवाकर गैर जमानती वारंट निरस्त कर दिए। सुनवाई की अगली तारीख 22 जनवरी नियत की गई है।

2013 के दंगों को लेकर दर्ज कई गंभीर मामलों में मुकदमों का सामना कर रहीं ङ्क्षहदूवादी नेता साध्वी प्राची शुक्रवार को भी न्यायालय में पेश नहीं हुईं। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई की तिथि 19 जनवरी निर्धारित की थी। अधिवक्ता चन्द्रवीर ङ्क्षसह की ओर से साध्वी प्राची के बाहर होने की बात कहते हुए हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र एसीजेएम-2 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अधिवक्ता चन्द्रवीर ङ्क्षसह ने बताया कि न्यायालय ने हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि नगला मदौड़ पंचायत को लेकर दर्ज मुकदमों में क्रमश: 14 व 11 लोगों को नामजद किया गया था।

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