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राहुल गांधी का एलान कांग्रेस की सरकार बनीं तो हर गरीब को मिलेगी न्यूनतम आमदनी


🗒 सोमवार, जनवरी 28 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

फिलहाल लोकसभा चुनाव का एजेंडा तय कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों की कर्ज माफी के बाद न्यूनतम आमदनी की गारंटी का एक और बड़ा सियासी दांव चल दिया है। राहुल ने ऐलान किया है कि 2019 में कांग्रेस सत्ता में आयी तो देश के सभी गरीबों को 'न्यूनतम आय की गारंटी' दी जाएगी। कांग्रेस की कर्ज माफी के वादे का अंतरिम बजट में जवाब देने की तैयारी कर रही मोदी सरकार के लिए राहुल का यह नया ऐलान एक और सियासी चुनौती होगी।

राहुल गांधी का एलान कांग्रेस की सरकार बनीं तो हर गरीब को मिलेगी न्यूनतम आमदनी

राजनीतिक विमर्श को मुद्दों पर फोकस करने की रणनीति के तहत राहुल गांधी ने छत्तीसगढ में गरीबों के लिए न्यूनतम आय गारंटी योजना लाने का यह ऐलान किया है।रायपुर में राहुल ने इसी रणनीति के तहत कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि 2019 में पार्टी सत्ता में आयी तो न्यूनतम आमदनी की गारंटी स्कीम तत्काल शुरू की जाएगी। उनके मुताबिक इसका मतलब होगा कि इस योजना के बाद देश में कोई भूखा और गरीब नहीं रहेगा। न्यूनतम आमदनी गारंटी स्कीम पूरे देश में लागू की जाएगी। कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में इस योजना की रूपरेखा साफ की जाएगी।न्यूनतम आमदनी गारंटी दांव की सियासी अहमियत के मद्देनजर राहुल गांधी ने खुद ट्वीट कर इसे दुहराने से भी गुरेज नहीं किया। राहुल ने इसमें कहा कि हमारे करोड़ों भाई-बहन गरीबी के दंश का जब तक सामना करते रहेंगे तब तक हम नये भारत का निर्माण नहीं कर सकते।कांग्रेस के ऐलान से साफ है कि भाजपा भले मोदी विरोध के अलावा विपक्ष के पास वैकल्पिक एजेंडा नहीं होने का सियासी तंज कसती रही हो। किसान कर्ज माफी की घोषणा के बाद नया ऐलान दरअसल शाह मात का खेल है। किसानों का कर्ज माफ करने के चुनावी वादे की कांग्रेस पहले ही घोषणा कर चुकी है।

इसी सियासी दबाव का जवाब देने के लिए एक फरवरी को अंतरिम बजट में मोदी सरकार की ओर से किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान की तैयारी है। पिछले साल जून में भोपाल में राहुल ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान के चुनाव के लिए कर्ज माफी का वादा कर इन सूबों के चुनाव का एजेंडा तय कर दिया था।इन तीनों सूबों में कांग्रेस की जीत की सबसे अहम कड़ी कर्ज माफी साबित हुई। चुनावी विमर्श की पटरी पर कांग्रेस की रफ्तार धीमी करने की रणनीति के तहत मोदी सरकार ने अगड़ी जाति के गरीबों को 10 फीसद सवर्ण आरक्षण का बड़ा दांव खेल पूरे विपक्ष को चौंका दिया।राहुल ने इसके बाद प्रियंका गांधी को पूर्वी उत्तरप्रदेश का कांग्रेस महासचिव बनाते हुए राजनीति में उतारने का अचानक ऐलान कर भाजपा ही नहीं सपा-बसपा को हतप्रभ कर दिया। अब जब रोजगार के मोर्चे पर चुनौतियों को देखते हुए अंतरिम बजट में युवाओं को साधे जाने की सरकार की तैयारियों की चर्चाएं हैं तब राहुल गांधी ने न्यूनतम आमदनी गारंटी का बड़ा वादा कर चुनावी एजेंडा तय करने में पीछे नहीं रहने के इरादे साफ कर दिए हैं।यूपीए दो में शिक्षा का अधिकार कानून भी इसी तर्ज पर बना। राहुल की घोषणा के बाद कांग्रेस ने यह संदेश देने की भी कोशिश की है कि आमदनी गारंटी ऐलान चुनावी लॉलीपाप नहीं बल्कि हकीकत होगी। कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि राहुल का ऐलान गरीबों की जिंदगी में बदलाव के लिए निर्णायक होगा। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि बीते दो वर्ष में यूनिवर्सल बेसिक इनकम पर काफी चर्चा हुई और अब वक्त आ गया है कि इसे गरीबों के लिए लागू किया जाए। चिदंबरम ने कहा कि संसाधनों पर देश के गरीबों का पहला हक है। कांग्रेस संसाधनों का रास्ता निकालकर राहुल गांधी के वादे को लागू करेगी।

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