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GST लागू होने के बाद से अब तक करीब 400 वस्‍तुएं हो चुकी हैं सस्‍ती


🗒 सोमवार, जुलाई 23 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

जीएसटी लागू होने के बाद से अब तक आपने कई बार दुकानदारों को ये कहते सुना होगा कि साहब जीएसटी के चलते ये महंगी हो गई है। लेकिन क्‍या वास्‍तव में आपको इसका अंदाजा भी है कि दुकानदार जिस अमुक चीज की कीमत जीएसटी की वजह से बढ़ी हुई बता रहा है उसकी हकीकत क्‍या है। यदि नहीं है तो चलिए आज हम आपको इसकी जानकारी दे देते हैं। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्‍योंकि सरकार जीएसटी के लागू होने के बाद से अब तक करीब चार सौ वस्‍तुओं से जीएसटी या तो हटा चुकी है या फिर कम कर चुकी है। लिहाजा आपको अब किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।

GST लागू होने के बाद से अब तक करीब 400 वस्‍तुएं हो चुकी हैं सस्‍ती

भारत में एक देश एक कर प्रणाली के तौर पर 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू किया गया था। इसके लागू होने से पूर्व किसी भी सामान पर केंद्र एवं राज्य सरकार के द्वारा कई तरह के अलग-अलग कर लगते थे, लेकिन जीएसटी आने से सभी तरह के सामानों पर एक जैसा ही कर लागू हो गया था। इससे पहले किसी वस्‍तु पर 30 से 35 फीसद तक कर अदा करना पड़ता था। कुछ चीजों पर यह 50 फीसद से भी ज्यादा होता था, लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद इसकी दर अधिकतम 28 फीसद तय की गई थी। आपको बता दें कि जीएसटी लागू होने से पूर्व हम लोग 17 अलग-अलग तरह के कर चुकाते थे। इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं जैसे कि दूध, लस्सी, दही, शहद, फल एवं सब्जियां, आटा, बेसन, ताजा मीट, मछली, चिकन, अंडा, ब्रेड, प्रसाद, नमक, बिंदी, सिंदूर, स्टांप, न्यायिक दस्तावेज, छपी पुस्तकें, समाचार पत्र, चूड़ियाँ और हैंडलूम आदि वस्तुओं को जीएसटी से मुक्‍त रखा गया है।

जीएसटी लागू होने के बाद नवंबर में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कुल 211 वस्तुओं की जीएसटी दरों में बदलाव किया गया था। इसके बाद कई सारी चीजें सस्‍ती हो गईं थी। इनमें इलेक्ट्रिक कंट्रोल, डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इलेक्ट्रिक बोर्ड, पैनल, कंसोल, कैबिनेट, वायर, केबल, इंसुलेटेड कंडक्टर, इलेक्ट्रिक इंसुलेटर, इलेक्ट्रिक प्लग, स्विच, सॉकेट, फ्यूज, रिले, इलेक्ट्रिक कनेक्टर्स, ट्रक (लोहे की पेटी), सूटकेस, ब्रीफकेस, ट्रैवलिंग बैग, हैंडबैग, शैंपू, हेयर क्रीम, हेयर डाई, लैंप और लाइट फिटिंग के सामान, शेविंग के सामान, डियोड्रेंट, परफ्यूम, मेकअप के सामान, फैन, पंप्स, कंप्रेसर, प्लास्टिक के सामान, शॉवर, सिंक, वॉशबेसिन, सीट्स के सामान, प्लास्टिक के सेनेटरी वेयर, सभी प्रकार के सिरेमिक टाइल, रेजर और रेजर ब्लेड, बोर्ड, सीट्स जैसे प्लास्टिक के सामान सस्‍ते हुए थे।

इसके अलावा पार्टिकल/फाइबर बोर्ड, प्लाईवुड, लकड़ी के बने सामान, लकड़ी के फ्रेम, फर्नीचर, गद्दे और बिस्तर, डिटर्जेंट, धुलाई और सफाई में इस्तेमाल होने वाले सामान,कटलरी, स्टोव, कुकर, नॉन इलेक्ट्रिक डोमेस्टिक एप्लाइंस, कपड़े, चमड़े के कपड़ों के सामान, संगमरमर, ग्रेनाइट के बने सामान, कलाई घड़ी, घड़ी और वॉच केस एवं उससे जुड़े सामान, ऑफिस, डेस्क इक्विपमेंट, सीमेंट, कंक्रीट और कृतिम पत्थर से बने सामान, वॉल पेपर, ग्लास के सभी प्रकार के सामान, इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन, अग्निशमक उपकरण, बुलडोजर्स, लोडर, रोड रोलर्स, एस्केलेटर, कूलिंग टॉवर, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण के विद्युत उपकरण, साउंड रिकॉर्डिंग उपकरण, सभी प्रकार के संगीत उपकरण और उससे जुड़े सामान, कृत्रिम फूल, पत्ते और कृत्रिम फल, कोको बटर, वसा और तेल पाउडर, चॉकलेट, च्विंगम और बबलगम, रबर ट्यूब और रबर के बने तरह तरह के सामान, चश्में और दूरबीन शामिल थे। इन पर पहले 28 फीसद जीएसटी लगता था जिसको 18 फीसद कर दिया गया।

इनके अलावा मधुमेह रोगियों को दिया जाने वाला भोजन,प्रिंटिंग इंक, टोपी,कृषि, बागवानी, वानिकी, कटाई से जुड़ी मशीनरी के सामान, जूट, कॉटन के बने हैंड बैग और शॉपिंग बैग, रिफाइंड सुगर और सुगर क्यूब, गाढ़ा किया हुआ दूध, पास्ता और सिलाई मशीन का सामान भी सस्‍ता हुआ। कुछ चीजों पर 18 फीसद के बजाए 5 फीसद जीएसटी किया गया, जिसके बाद चटनी पाउडर, पफ्ड राइस चिक्की, पीनट चिक्की, सीसम चिक्की, रेवड़ी, तिलरेवड़ी, खाजा, काजू कतली, ग्राउंडनट स्वीट गट्टा, कुलिया, नारियल का बुरादा, इडली और डोसा, कपास के बुने हुए कपड़े, तैयार चमड़ा, चमड़े से बने सामान, फ्लाई एश, फिशिंग नेट और फिशिंग हुक जैसी चीजें सस्‍ती हो गईं।

इसके बाद इसी वर्ष जनवरी में एक बार फिर जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में सरकार ने अहम फैसला लेते हुए 29 वस्तुओं और 53 सेवाओं के जीएसटी रेट में बदलाव किया। जीएसटी परिषद की बैठक में हैंडीक्राफ्ट की 29 वस्तुओं को शून्य जीएसटी के स्लैब में रखा गया था। सरकार ने आम जनता को ये राहत बजट से पहले दी थी। इस बैठक के बाद में 20 लीटर वाला पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, बायोडीजल, हीरे एवं कीमती रत्न, शुगर कैंडी, टेलरिंग सेवा, एम्यूजमेंट पार्क और सस्ते घर के लिए कंस्ट्रक्शन सेवा पर टैक्स घटाया गया।

टीवी, फ्रिज और वाशिंग मशीन, सेनेटरी नैपकिन, एक हजार तक के जूते-चप्पल। सहित दर्जनों उत्पाद सस्ते हो जाएंगे। वॉटर कूलर, आइसक्रीम फ्रीजर, दूध के चिलिंग प्लांट, लेदर इंडस्ट्री से जुड़े रेफ्रिजरेटर उपकरण, पेंट, वार्निश, पुट्टी, रेसिन सीमेंट, लिथियम बैटरी, सेंट स्प्रे, टायलेट स्प्रे, हेयर क्लिपर, शेवर, इमर्सन हीटर, स्टोरेज वॉटर हीटर, हैंड ड्रायर, क्रेन, लॉरी, आग से बचाव के वाहन, कंक्रीट मिक्सर लॉरी, स्प्रेयिंग लॉरी। घरेलू इलेक्टिक उत्पाद (मिक्सर ग्राइंडर, जूस निकालने वाली मशीन)।

स्टोन, मार्बल और लकड़ी के देवी-देवताओं की मूर्तियां, राखियां, सेनीटरी नेपकिन, फूल वाली झाडू़, खाली दोना, भारत सरकार द्वारा जारी होने वाले सिक्के। बांस से बने फर्श, पीतल वाला केरोसिन स्टोव, हस्तशिल्प के सामान मसलन पर्स, हैंडबैग और ज्वैलरी बाक्स, हाथ से चलने वाला रबर रोलर, जिपर, शीशे, स्टोन आर्ट, पीतल, लोहे, हैंडीक्राफ्ट लैंप, मोम, स्टियरिन, प्राकृतिक गोंद वगैरह से बने उत्पादतेल में मिलाने के लिए बिकने वाले एथनॉल, सॉलिड बॉयो फ्यूल और हैंडीक्राफ्ट पर। 1000 रुपये तक के फुटवियर (इससे ऊपर के फुटवियर पर 18) फ्रिज, फ्रीजरवाशिंग मशीनवैक्यूम क्लीनर 68 सेंटीमीटर तक के टीवीट्रेलर और सेमी ट्रेलरइलेक्टिक आयरनमखमल के कपड़े, हैंडलूम दरी, फर्टिलाइजर में प्रयोग होने वाला फास्फेरिक एसिड, बुनी हुई कैप और एक हजार रुपये से कम कीमत की टोपी, हाथ से बने कालीन, फीते और प्रिंटेड कपड़ेतांबे और एल्यूमिनियम से बनीं कलाकृतियांपेंटिंग वाले लकड़ी के फ्रेम

फ्रिज, 68 सेमी से छोटे आकार वाले टीवी, वाशिंग मशीन समेत कई वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का निर्णय किया गया है। वहीं राखी, झाडू, सेनिटरी नैपकिन, पत्थर, मार्बल व लकड़ी से बनी मूर्तियों पर जीएसटी की दर घटाकर शून्य कर दी ग्ई है। किसानों को राहत देते हुए खाद में इस्तेमाल होने वाले फॉस्फेरिक एसिड पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। एथनॉल पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का निर्णय किया गया है। इससे संकट में चल रहे चीनी उद्योग और गन्ना किसानों को राहत मिलेगी। हालांकि चीनी पर सेस लगाने और डिजिटल पेमेंट पर जीएसटी में छूट देने पर काउंसिल ने कोई फैसला नहीं किया। इसके अलावा कई हस्तशिल्प उत्पादों पर भी जीएसटी में राहत दी गयी है।

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