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रायबरेली मे श्रीमद्भागवत कथा में बही रसधार


🗒 मंगलवार, फरवरी 13 2018
🖋 पंकज जैसवाल, ब्यूरो प्रमुख रायबरेली

रायबरेलीः-मझिगवां राव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा प्रवक्ता पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने श्रीमद्भागवत की व्युत्पत्ति करते हुए कहा कि भागवत किसी एक धर्म अथवा देश के लिए नहीं अपितु समग्र विश्व का कल्याण करने वाला एक ग्रंथ के साथ ही साथ आध्यात्मिक शांति जागृति का एक माध्यम है। भागवत की कथा श्रवण तथा सिद्धांतो को जीवन में उतारने पर जोर देते हुये प्रवक्ता ने बताया कि भक्ति ज्ञान और वैराग्य तीनों एक साथ पोषित करने और विवेक बुद्धि को बढ़ाने वाला ग्रंथ है। पांचवे दिन की कथा में बताया कि भागवत कथा का प्राण गोपी गीत का विवेचन करते हुए कहा कि गोपी रूपी जीव का कृष्ण परमात्मा से योग होना ही रास है।आज के परिपेक्ष में कथा के बड़े-बड़े योगी ध्यानी जो जीवन में साधना करते हुए भी कृष्ण को नहीं पा सकते उसे गोपियों ने प्रेम के माध्यम से पा लिया। कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए पंचमहाभूतों का शोधन करने की बात कही। गोवर्धन की कथा करते हुए गाय की रक्षा संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया और बताया कि शरीर रूपी पर्वत को कृष्ण रुपी परमात्मा अपने हाथ पर सात दिनों तक धारण रखते है।ं

रायबरेली मे श्रीमद्भागवत कथा में बही रसधार

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