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जानें आपके लिए चेक बाउंस होना है आपके लिए नुकसानदेह


🗒 शनिवार, अगस्त 11 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

कई बार ऐसा सुनने में आता है कि एक व्यक्ति भुगतान के लिए दूसरे व्यक्ति को चेक काटकर देता है, लेकिन किसी कारणवश वह बाउंस हो जाता है। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। आज के समय में कई बैंक ऐसे भी हैं जो कि चेक बाउंस होने पर जुर्माना वसूलते हैं।

जानें आपके लिए चेक बाउंस होना है आपके लिए नुकसानदेह

जुर्माने की राशि अलग-अलग बैंकों में अलग अलग हो सकती है। चेक बाउंस के जुर्माने की राशि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई में अलग-अलग है। कई बार यह चेक बाउंस होने के कारण और उसके प्रकृति पर भी निर्भर करता है। इसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी जोड़ा जाता है।यदि अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न होने और गलत सिग्नेचर से चेक बाउंस होता है तो प्राप्तकर्ता और दोषी दोनों से जुर्माना वसूला जाता है। हालांकि बाउंस हुआ चेक फिर से जमा हो सकता है। हम यहां बता रहे हैं कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक की ओर से चेक बाउंस होने पर कितना जुर्माना लिया जाता है...

एसबीआई का चेक बाउंस होने पर जुर्माना:

चेक बाउंस होने पर एचडीएफसी की ओर से लिया जाने वाला जुर्माना:

चेक बाउंस होने पर आईसीआईसीआई की ओर से लिया जाने वाला जुर्माना:

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