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रक्षावन्धन


🗒 गुरुवार, अगस्त 07 2014
🖋 Venktesh Chaturvedi, Sub-editor Lucknow

 


श्रावणी ; रक्षावन्धन द्ध 10 . 08. 2014 रविवार यह त्यौहार सनातन धर्मियों के लिए वर्ष का प्रथम त्यौहार माना गया है द्य इसदिन कुल पुरोहित अपने यजमान को व बहनें अपने भाई को रक्षा बाध व तिलक लगाकर चिरंजीवी व सर्वत्र विजयी होने की कामना करते है ध्करती है द्य रक्षा बाधने का एक मन्त्र सर्व प्रचलित है यथा .. येन बद्धो बली राजा दान वेंद्रो महा बलः तेन त्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे माचल माचल द्यद्य इसी मन्त्र से प्राचीन काल में द्रोपदी ने श्री कृष्ण को व देव गुरु वृहस्पति ने इन्द्र को रक्षा बाधी थी द्य इसी दिन श्रावणी का उपाकर कर्म ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है द्य जिसमे वेद पाठी व्राह्मण शुक्ल यजुर्वेद के मन्त्रों द्वारा यज्ञोपवित की शुद्धि व प्रतिष्ठा करते है द्य जिससे वह यज्ञोपवित पूरे वर्ष भर तेज व ज्ञान प्रदान करता है द्य इस वर्ष 10 अगस्त रविवार को अपराह्नं 01 रू27 तक भद्रा है अतः भद्रा के पश्चात ही यह पुनीत पर्व मनाया जायेगा !!