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सरकार के अध्यादेश का जनमानस पर कोई असर नही लोगो ने आधी रात तक दम भर छुड़ाए पटाके


🗒 गुरुवार, नवंबर 08 2018
🖋 चित्रभान केशव अग्निहोत्री, ब्यूरो प्रमुख कानपुर

कानपुर - प्रदूषण नियंत्रण को लेकर चिंतित पर्यावरण विभाग और सरकार ने दिवाली के पहले एक अध्यादेश जारी किया था। सरकार ने सभी आम जनमानस को दिवाली के अवसर पर रात 10बजे तक़ ही पटाखे छुड़ाने की अनुमति दी थी पर इस अध्यादेश क़ा किसी ने कोई पालन नही किया। लोगों ने दमभर पटाखों क़ा उपयोग किया और कानपुर में श्वास और दमे के रोगियों को खासी परेशानी व दिक्कतो क़ा सामना करने पर मजबूर किया। पटाखे से पैदा हुए धुयें के गुबार ने सांस लेने वाली हवाओं में जहर क़ा संचार किया जिससे आज कानपुर की हवा में जिंदगी ढूंढ़ना मुश्किल हों गया खास उन लोगों के लियें खासी परेशानी हुई जिन्हें श्वास सम्बन्धी बीमारियां हैं। इस धुयें ने दिल के मरीजों को भी खासा परेशान किया पटाखे की धमक से दिल के मरीज भी विचलित हुए और किसी तरह रात बिताई।

सरकार के अध्यादेश का जनमानस पर कोई असर नही लोगो ने आधी रात तक दम भर छुड़ाए पटाके

हम त्यौहार के नाम पर जिन पटाखों क़ा उपयोग कर रहे हैं उनसे कितनी समस्यायें पैदा होती हैं ये शायद सभी बुध्धिजीवियों को मालूम हैं फिर भी लोग

वाले मुहावरों को जीवन में चरितार्थ कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से हर वर्ष केवल दिवाली के अवसर पर पटाखे बनाने में करोड़ों पेड़ों की बलि दे दी जाती हैं अब जरा सोचिये हम अपने लियें क्या माहौल तैयार कर रहे हैं यदि आम जनमानस यूं ही मनमानी करता रहा तो वो दिन दूर नही जब हम भी राजधानी दिल्ली की तरह स्मॉग क़ा शिकार होंगे और हर घऱ में हेलमेट की जगह मास्क की जरूरत बढ़ जायेगी ।

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