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वाराणसी के बीएचयू में मरीज गिड़गिड़ाते रहे, नहीं देखा डाक्टरों ने


🗒 बुधवार, अप्रैल 04 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्टरों की अचानक हड़ताल से बुधवार को बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सैकड़ो मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वाराणसी के बीएचयू में मरीज गिड़गिड़ाते रहे, नहीं देखा डाक्टरों ने

कई मरीज और उनके परिजन जूनियर रेजीडेंटों के सामने गिड़गिड़ाते रहे लेकिन उन्होंने उनकी समस्या को नहीं सुना। सीनियर रेजीडेंट और सीनियर डाक्टरों ने ओपीडी में मरीजों की समस्या का हल करने का प्रयास किया। उनका प्रयास ऊंट के मुंह में जीरा के सामान था। जूनियर रेजीडेंटों के हड़ताल पर जाने से आपरेशन और जांच भी प्रभावित हुई। समाचार देते समय तक अधिकारी जूनियर रेजीडेंटों को मनाते रहे लेकिन वे हड़ताल पर अड़े रहे।

बिहार के मोतीहारी से आई 60 वर्षीय गिरजा देवी ने बताया कि वह पेट के बीमारी से ग्रस्त है। सुबह डाक्टरों ने उनको चैंबर में बुलाया। कुछ देर बाद कहा कि वह हड़ताल पर है, बाहर जाएं। उनके साथ आए लोगों का कहना था कि हम लोगों को आज की तारीख दी गई थी। अब हम लोग कहां जाएं। मोतीहारी कोई पास में तो नहीं है। समझ में नहीं आ रहा है क्या करें, बस आंखों में आंसू हैं। दिल में कसक है।

पिंडरा के 70 वर्षीय लक्ष्मी नारायण ओपीडी के बाहर स्ट्रेचर पर लेटे थे। पेट में दर्द के कारण बोलने में असमर्थ थे। उनके साथ आए परिजनों का कहना था कि यहां पर उनको देखने वाला कोई नहीं है। ऐसी स्थिति में हम लोगों ने कई बार जूनियर रेजीडेंटों से गुजरिश की, लेकिन किसी ने देखने की जहमत नहीं दिखाई।

सूत्रों का कहना है कि हड़ताल के बहाने मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भेजा गया। यह भी बताते है कि किसी को लाभ पहुंचने के लिए ऐसा किया गया था। वहीं हड़ताल के कारण गरीब और असहाय मरीजों को काफी पैसा खर्च करना पड़ा

सर सुंदर लाल अस्पताल, बीएचयू के रिकॉर्ड विभाग ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि बुधवार को ओपीडी में 2800 पर्ची बिकी। 2534 रोगियों का पंजीकरण हुआ। 50 आपरेशन और 2640 सीसीआइ जाच हुई। 110 लोगों को डिस्चार्ज किया गया और 50 आपरेशन हुए। 190 लोगों का रेडियोलाजी में जांच हुई।

बीएचयू के सर सुदंरलाल अस्पताल की ओपीडी में अमूनन रोज 5000 से अधिक मरीज आते है। इसी के अनुपात में अन्य कार्य होते हैं।

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