यूनाइट फॉर ह्यूमैनिटी हिंदी समाचार पत्र

RNI - UPHIN/2013/55191 (साप्ताहिक)
RNI - UPHIN/2014/57987 (दैनिक)
RNI - UPBIL/2015/65021 (मासिक)

वाराणसी के बीएचयू में सिंहद्वार पर छात्रों का देर रात तक धरना, परीक्षा से वंचित करने का मामला


🗒 मंगलवार, नवंबर 27 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

बीएचयू के विधि संकाय के दर्जनों छात्रों ने मंगलवार को भी सिंहद्वार जाम कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और आंदोलन कर रहे छात्र सिंह द्वार से हटने को तैयार नहीं हुए। कक्षा में कम उपस्थिति वाले छात्रों की मांग थी कि उनको भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए, इसे लेकर केंद्रीय कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया। देर शाम संकाय प्रशासन ने बैठक कर 30 प्रतिशत से ऊपर उपस्थिति वाले छात्रों को इस शर्त पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी कि अगले सत्र में 100 फीसद उपस्थिति देनी होगी। इसके बाद आधे से अधिक छात्र धरना से उठकर चले गए। वहीं शून्य से 30 प्रतिशत उपस्थिति वालों को कोई भी ढील देने से प्रशासन ने इनकार किया, इसके कारण वे धरने पर देर रात तक बैठे रहे। उधर, अन्य छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर कम उपस्थिति वालों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई तो वे भी अगले सत्र से उपस्थिति के मानक को पालन करने के लिए बाध्य नहीं होंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। 

वाराणसी के बीएचयू में सिंहद्वार पर छात्रों का देर रात तक धरना, परीक्षा से वंचित करने का मामला

विधि संकाय प्रमुख ने बताया कि हर माह डिस्प्ले कर छात्रों को उनकी उपस्थिति दर्शाया गया, लेकिन कुछ छात्रों ने इसमें सुधार नहीं लाया। कम उपस्थिति वाले छात्रों को परीक्षा से वंचित करने की घोषणा की गई है। रजिस्ट्रार को भी लिखकर भेज दिया गया है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय रजिस्ट्रार को ही लेना है। वहीं विधि संकाय में सेमेस्टर परीक्षाएं सोमवार को होनी थी, लेकिन प्रदर्शन के चलते इसे दो दिनों के लिए टाल दिया गया। यानी अब यह परीक्षा बुधवार से होने वाली है। इसको लेकर छात्रों ने संशय की स्थिति को देखते हुए मंगलवार को आंदोलन शुरू कर दिया।पीआरओ डा. राजेश सिंह ने बताया कि बहुत कम उपस्थिति वाले छात्रों को किसी भी कीमत में ढील नहीं दी जाएगी। बीएचयू बार काउंसिल के नियमों के अनुसार ही परीक्षा की अनुमति देगा। इसके तहत हर छात्र की उपस्थिति कम से कम 70 प्रतिशत होनी चाहिए। कम उपस्थिति की पर बार काउंसिल संबंधित छात्र का रजिस्ट्रेशन पर भी रद कर देता है। यही नहीं जो संस्थान कम उपस्थिति वाले छात्रों को अगर परीक्षा लेता है तो उस पर भी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में बीएचयू प्रशासन काउंसिल के नियमों की अनदेखी करने से बच रहा है।

वाराणसी से अन्य समाचार व लेख

» अब गायत्री मामले की नए सिरे से जांच शुरू, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर ने कब्जे में ली केस डायरी

» जिला वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के काउंटर में आग

» वाराणसी मे डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा तारीख मिले तो 10 दिन में जीत जाएंगे राम मंदिर का मुकदमा

» जिला वाराणसी के बाजार में महिला डॉक्टर ने जहर का इंजेक्शन लगाकर की आत्महत्या

» योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा मैं सर्वदलीय अौर निर्दलीय हूं, राम मंदिर अभी नहीं तो कभी नहीं

 

नवीन समाचार व लेख

» एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार के पालतू कुत्ते ने एसपी सिटी रणविजय सिंह को काटा, लगवाए इंजेक्शन

» प्रयागराज मे कस्टोडियन ने एटीएम से निकाले थे 24 लाख रुपये, सहकर्मी से चुराया था पासवर्ड

» वाराणसी के बीएचयू में सिंहद्वार पर छात्रों का देर रात तक धरना, परीक्षा से वंचित करने का मामला

» BSP प्रमुख मायावती बुधवार से तेलंगाना के चुनावी दौरे पर

» अभी भी यूपी पुलिस के 1.30 लाख पद हैं खाली ऐसे कैसे अपराध पर लगाम लगा पाएगी यूपी पुलिस