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आगरा कानपुर हाईवे पर हुए हत्याकांड का पर्दाफाश


🗒 गुरुवार, सितंबर 16 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
आगरा कानपुर हाईवे पर हुए हत्याकांड का पर्दाफाश

आगरा, । एत्मादपुर में हाईवे पर एक सप्ताह पहले ग्रामीण पर ताबड़तोड़ गोलियां दामाद ने दागी थीं। प़ुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दामाद व समधी समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना में एक नामजदगी गलत पाई गई, जबकि एक नया नाम सामने आया।खंदौली के गांव कौकंदा निवासी रामबाबू की आठ सितंबर को एत्मादपुर में भागूपुर फ्लाई ओवर पर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। वह बेटियों की ससुराल से राजीनामा की बात करके एत्मादपुर तहसील से बाइक पर लौट रहे थे। मृतक की बेटी मंजू ने अपने पति नवल किशोर, छोटी बहन रामवती के पति रूप किशोर, ससुर हुकुम सिंह के अलावा जय किशोर, बृज किशोर व महेंद्र को नामजद किया था। मंजू ने पुलिस को बताया था कि ससुराल वालों से विवाद के चलते दोनों बहनें पांच साल से मायके में हैं।एसपी ग्रामीण सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि हत्यारोपित समधी हुकुम सिंह, दामाद नवल किशोर, जय किशोर, रामकुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बाइक व पिस्टल बरामद की गई है। हत्याकांड में वांछित बृजकिशोर और रूप किशोर की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।पुलिस के पूछताछ करने पर नवल किशोर ने बताया कि ससुर ने उसके भाई की हत्या कराई थी। जिसके बाद से ही उसने बदला लेने की ठान लिया था। ससुराल वालों ने दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमे लिखा रखे हैं। राजीनामा करने के लिए 36 लाख रुपये मांग रहे थे। जिसके चलते उसने रामबाबू की हत्या की साजिश रची। आठ सितंबर को साजिश के तहत रामबाबू को राजीनामा के लिए एत्मादपुर तहसील बुलाया। बात नहीं बनने पर लौटते समय रामबाबू की हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि मुकदमे में महेंद्र की नामजदगी विवेचना में गलत पाई गई। जिसके बाद उसका नाम निकाल दिया गया।नवल किशोर ने जिस बाइक से पीछा करके ससुर की हत्या की। उसे रामकुमार उर्फ रामू चला रहा था। रामकुमार ने पुलिस के पूछताछ करने पर बताया कि उसके पिता बीमार एवं पत्नी गर्भवती है। उसे रुपये की जरूरत थी। नवल किशोर से 30 हजार रुपये मांगे तो उसने शर्त रख दी। उसे एक काम में मदद करने के बदले 30 हजार रुपये देने की कहा। दस हजार रुपये पेशगी दे दिए थे।