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माता-पिता और भतीजी के हत्यारे ने भाई-भाभी को मारने का भी बनाया था प्लान


🗒 मंगलवार, जुलाई 26 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
माता-पिता और भतीजी के हत्यारे ने भाई-भाभी को मारने का भी बनाया था प्लान

अलीगढ़, : अलीगढ़ में हुई घटना ने एक बार फिर से रिश्तों का कत्ल कर दिया। आरोपित सौरभ से पूछताछ में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिसने सभी के होश उड़ा दिए। उसने बताया कि माता-पिता को उसने सोमवार सुबह करीब 11 बजे ही मार दिया था। दोनों के सिर व मुंह पर ताबड़तोड़ वार किए। हत्या के बाद दोनों के शव को कमरे में छिपा दिया।इसके बाद भाई रामेश्वर को जिम में, जबकि भाभी रश्मि समेत पूरे परिवार को घर में ही मारने की योजना थी। शाम को बच्ची कमरे के पास पहुंचकर रोने लगी तो आरोपित ने उसके भी कई वार किए। तभी भाभी ने उसे देख लिया। आरोपित भाभी को मारने के लिए दौड़ा, मगर वह चीखते हुए बाहर आ गई। इसके बाद आरोपित सीधे थाने पहुंच गया।पुलिस ने आरोपित के बयान दर्ज किए हैं। इस दौरान कई बार उसकी जुबान लड़खड़ाई। पुलिस सभी तथ्यों को तस्दीक कर रही है। आरोपित ने बताया कि तीनों बहनों की शादी होने के बाद उसे टार्चर किया जा रहा था। बड़ा भाई रामेश्वर पत्नी के कहने पर उसे मारता था और धमकी देता था। दो-तीन गला दबाकर मारने की भी कोशिश की। पिता भी बड़े भाई की बात मानते थे।दो साल से उससे बात भी नहीं करते थे। पड़ोसियों, बहनों व जीजा ने पिता को समझाया, मगर नहीं माने। सौरभ पालीटेक्निक करने के बाद स्पाइडर कंपनी में नौकरी करता था। ढाई महीने पहले नौकरी छोड़ दी। इसके बाद कपड़े या कोई अन्य छोटा कारोबार खोलना चाहता था। ताकि उसकी शादी हो जाए। इसीलिए पैसे मांग रहा था। लेकिन, स्वजन गाली देते थे और मारपीट करते थे। बड़ा भाई घर में परेशान करता था। उसे कुछ करने भी नहीं दे रहा था।सौरभ ने बताया कि सोमवार को भी उसने पिता से पैसे मांगे। इन्कार करने पर करीब 11 बजे माता-पिता को मार डाला। बोला कि उनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। ये सबको पता है। उस वक्त रामेश्वर मंडी गया था। वह करीब साढ़े 11 बजे लौटा। दोपहर बाद फिर से जिम चला गया।सौरभ अपने भाई रामेश्वर व भाभी रश्मि को भी मारना चाहता था। जब रश्मि को मारने के लिए जा रहा था। तभी बच्ची कमरे की तरफ आ गई और रोने लगी। ऐसे में उसने बच्ची को मार डाला। इस मामले में रामेश्वर की ओर से सौरभ के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिस पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।ओमप्रकाश का मकान 196 वर्गगज में बना हुआ है। उनके मकान का आधा हिस्सा ऊंचा है, जिसमें वह अपनी पत्नी व सौरभ के साथ रहते थे। जबकि निचले हिस्से में रामेश्वर अपने परिवार के साथ रहते हैं। अंदर से आने-जाने का रास्ता है। ओमप्रकाश 2019 में बिजौली एडीओ पंचायत से सेवानिवृत्त हुए। रिटायरमेंट के पैसे से उन्होंने रामेश्वर को जिम खुलवा दी। वहीं अपना कर्जा भी चुकाया है। जबकि सौरभ के लिए कुछ नहीं किया। इसी बात से वह कुंठित था।आरोपित ने माता-पिता का मुंह कुचल दिया। उनके दांत तक बाहर आ गए। जबकि बच्ची को सिर, चेहरे, गर्दन, कमर पर वार किए। पुलिस पहुंची तो माता-पिता के शव कमरे में पड़े थे। जबकि बच्ची दूसरे कमरे में लहूलुहान थी, जिसे मोहल्ले के लोगों ने अस्पताल भिजवाया।आरोपित ने बताया कि स्वजन मम्मी को भी परेशान करते थे। उनकी जमीन बेचकर खा गए। यहां तक कि मम्मी को सब्जी लाने के लिए 20-20 रुपये देते थे। इससे वह भी प्रताड़ित होती थी। मरने वाली हालत हो गई थी।घटना के तुरंत बाद एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत, एएसपी व सीओ द्वितीय मनीष कुमार शांडिल्य मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्यि एकत्रित किए हैं। वहीं रात में डीआइजी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।घटना के बाद मोहल्ले के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। चीत्कार के बीच रश्मि बेसुध हो गईं। आरोपित ने बताया कि बड़ी बहन की शादी डिबाई में हुई है। मंझली बहन अतरौली, जबकि छोटी बहन की ससुराल प्रभात नगर में है। घटना के बाद छोटी बहन प्रवेश आ गई थी। तीन हत्याअों की सुनकर उसकी भी हालत बिगड़ गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।विकास नगर में रहने वाले सौरभ ने खुद ही थाने आकर बताया कि उसने अपने माता-पिता की हत्या कर दी है और भतीजी को घायल कर दिया है। अस्पताल में भतीजी को भी मृत घोषित कर दिया गया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि पिता ने रिटायरमेंट का पैसा उसके भाई के व्यवसाय पर खर्च कर दिया था। जबकि वह जब भी पैसे मांगता तो मना कर दिया जाता। इसे लेकर घर में कलह होती थी। अक्सर माता-पिता से आरोपित का झगड़ा होता था। इसे लेकर उसने घटना को अंजाम दिया। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी