सिपाही से अंतरराज्‍यीय अपराधी बने विनोद जाट पर गैंगस्‍टर की कार्रवाई

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सिपाही से अंतरराज्‍यीय अपराधी बने विनोद जाट पर गैंगस्‍टर की कार्रवाई


🗒 रविवार, नवंबर 29 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
सिपाही से अंतरराज्‍यीय अपराधी बने विनोद जाट पर गैंगस्‍टर की कार्रवाई

अलीगढ़, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मथुरा के साथ ही हरियाणा, राजस्थान में खौफ फैलाकर लूट, डकैती, हत्या व अपहरण की घटना को अंजाम देने वाले बर्खास्त पुलिस सिपाही विनोद जाट निवासी महामौनी, मुरसान (हाथरस) के गिरोह पर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की है। इसके साथ गैंग में तीन अन्य शातिर अपराधियों के भी नाम शामिल किए हैं।कोतवाल प्रदीप कुमार ने बताया कि विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान (हाथरस), जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरकरना थाना इगलास (अलीगढ़), मुकेश उर्फ पिंटू पुत्र विजेंद्र सिंह निवासी सरसा थाना राया (मथुरा), संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी महामौनी थाना मुरसान (हाथरस) का अंतरराज्यीय संगठित गिरोह है। ये लोग लूट, डकैती, हत्या, अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। इनके भय से कोई व्यक्ति के इनके खिलाफ गवाही देने को तैयार नहीं होता है। इस गैंग का लीडर विनोद जाट है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। कोतवाल ने बताया कि गैंग लीडर विनोद जाट उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही था। आगरा में तैनाती के दौरान ये अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हो गया था। इसके बाद इसे बर्खास्त कर दिया गया था। विभिन्न धाराओं में इसके खिलाफ 28 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गैंग का सदस्य जयपाल भी उत्तर प्रदेश पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। कोतवाल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र में गांव भौंरा गौरवा के निकट हरी लक्ष्मी एलॉयल प्राइवेट लिमिटेड के स्वामी सुरेंद्र कुमार जिंदल अपने आवास शीशिया पाड़ा, अलीगढ़ से विगत 16 जून की सुबह 8:30 बजे फैक्ट्री के लिए जा रहे थे। रास्ते में अलीगढ़-मथुरा मार्ग से गांव भौंरा गौरवा को जाने वाले लिंक मार्ग पर स्कॉपियो सवार वर्दीधारी बदमाशों ने गाड़ी को रोक लिया था। बदमाशों ने स्वयं को एसओजी से बताया और कहा तुम्हारे खिलाफ मुकदमा है थाने चलो। विरोध करने पर मारपीट करके उसकी ही गाड़ी में डालकर ले गए। इसके बाद कारोबारी के फोन से उसकी पत्नी रति उर्फ लक्ष्मी से फोन पर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पत्नी ने लॉकडाउन की बात कहते हुए धनराशि देने में असमर्थता जताई तो 10 लाख रुपये लेकर आने को कहा। गृहस्वामिनी छह लाख रुपये लेकर अपने नौकर रामू शर्मा के साथ स्कूटी से बदमाशों की लोकेशन पर घूमती रहीं। बाद में हाथरस रोड पर भट्ठा के समीप बदमाशों ने फिरौती में छह लाख रुपये लेकर व्यवसायी को छोड़ दिया था। गैंगस्टर में शामिल बदमाशों द्वारा ही कारोबारी का अपहरण किया गया था।

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