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अलीगढ़ में पकड़ा गया फर्जी अंतरराज्यीय काल सेंटर, 11 पकड़े


🗒 रविवार, जुलाई 18 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
अलीगढ़ में पकड़ा गया फर्जी अंतरराज्यीय काल सेंटर, 11 पकड़े

अलीगढ़, । सासनीगेट पुलिस को इलाके के महेंद्रनगर में चल रहे एक फर्जी अंतरराज्यीय काल सेंटर को पकड़ने में सफलता हाथ लगी है। यहां से रीबाक जैसी नामी-गिरामी कंपनियों के सामान के साथ ही आफर देने के नाम पर आनलाइन ठगी की जा रही थी। पुलिस ने इस गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें सात लड़कियां भी शामिल हैं। पुलिस को यहां से भारी मात्रा में मोबाइल,लेपटाप,पार्सल,आर्डर सीट आदि सामान बरामद हुआ है। पकड़े गए आरोपितों से पुलिस अभी पूछताछ कर रही है।पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पिछले काफी समय से सासनीगेट इलाके में आनलाइन सामान बेचने के बहाने लोगों के साथ धोखाधडी होने की शिकायत मिल रही थी। इसको गंभीरता से लेते हुए टीमों को सक्रिय किया गया। रविवार को इलाके के महेंद्रनगर में फर्जी काल सेंटर संचालित होने की खबर पर इंस्पेक्टर सासनीगेट गोविंद बल्लभ शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने छापा मारा तो खलबली मच गई। यहां से भाग रहे चार युवक व सात युवतियों काे पकड़ लिया गया।पुलिस ने यहां से काल सेंटर संचालित करने वाले सासनी (हाथरस) के नाई नगला निवासी अरमान उर्फ आमिर, शहनबाज व अंसार को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा बन्नादेवी के रामनगर, आईटीआई रोड निवासी सुमित पचौरी, गांधीपार्क के सिंधौली निवासी सोनिया सिंह, नौरंगाबाद छावनी निवासी गरिमा, नौरंगाबाद की निशा कुमारी, सिविल लाइन के लाल मंदिर, सेंटर प्वाइंट निवासी यशिका यादव, सासनीगेट के पला साहिबाबाद निवासी अस्मिता शर्मा, कृष्णा विहार निवासी निधि शर्मा, महेंद्रनगर निवासी हेमलता को गिरफ्तार किया है।पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि वे रीबाक कंपनी का फर्जी काल सेंटर बनाकर ग्राहकों को कंपनी का आकर्षक आफर देते थे। उन्होंने बताया कि 6500 रुपये में कंपनी की टी-शर्ट, वायलेट, घड़ी व जूते देने के साथ ही रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन फ्री में देने का लालच देकर आर्डर लेते थे। जिसे कैश आन डिलेवरी के माध्यम से ग्राहक के पते पर भेजकर रुपये कंपनी के आनशाप अकाउंट में डलवा लेते थे। सुमित पचौरी लड़कियों को सुपरबाइज करता था और पैकिंग देखता था। शहनवाज, आमिर व अंसार मिलकर चुनिंदा ग्राहकों को मोबाइल फोन पर बातें करके धोखेबाजी से संतुष्ट कर पैसे वसलूते थे। आर्डर की डिलेवरी में भेजे गए पार्सल में सामान के बदले गत्ते भेज देते थे। तीनों ही फर्जी काल सेंटर संचालक डुप्लीकेट आधार कार्ड़ तैयार कर उनका प्रयोग सिम कार्ड व अन्य कामों के प्रयोग में लेते थे, ताकि इनकी असली पहचान न हो सके।पुलिस के अनुसार शातिरों का धोखाधड़ी का जाल उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, हरियाणा, महाराष्ट्र, बंगाल, पंजाब आदि राज्यों में फैला हुआ है। ग्राहकों को लुभावने आफर देकर उनसे आनलाइन ठगी की जा रही थी।आरोपितों के पास से पुलिस को आठ पार्सल, 42 आर्डर सीट, 17 मोबाइल फोन, चार आधार कार्ड, दो बैंक चेक बुक,एक लैपटाप, सात रजिस्टर ग्राहक नंबर सूची, सात स्पीच लैटर के अलावा 11 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि मामले में आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि आनलाइन ठगी करने वालों की धरपकड के लिये साइवर व एसओजी टीम लगातार दविश दे रहीं हैं। आरोपितों के बैंक खाताें को सीज करने की कार्रवाई भी की जा रही है।