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औरैया में सरगना समेत पकड़ा गया गिरोह लॉकडाउन में नौकरी छूटी तो छापने लगे नकली नोट


🗒 रविवार, अगस्त 23 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
औरैया में सरगना समेत पकड़ा गया गिरोह लॉकडाउन में नौकरी छूटी तो छापने लगे नकली नोट

लॉकडाउन में नाैकरी छूटने के बाद जालौन का रहने वाले युवक ने नकली नोट छापना शुरू कर दिया और गिरोह बनाकर औरैया, फरीदाबाद, जालौन व कानपुर देहात में सप्लाई करने लगा। पुलिस को भनक लगी तो गिरोह के सरगना समेत चार सदस्य तो हत्थे चढ़ गए हैं लेकिन अन्य साथी अभी फरार हैं। पुलिस ने एक लाख 61 हजार 800 रुपये के नकली नोट और उपकरण बरामद किए हैं।सूचना के आधार पर पुलिस ने सदर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला बनारसीदास में छापेमारी की और नकली नोट छापने वाले गैंग का भंडाफोड़ करते हुए सरगना समेत चार को गिरफ्तार किया। सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ यादव ने बताया कि गैंग सरगना और बदमाशों के कब्जे से दो हजार के 49, पांच सौ के 91, 200 के 52, 100 के 69 और 50 के 20 के नकली नोट मिले हैं। गैंग का सरगना धर्मेंद्र उर्फ करन राजपूत जालौन का रहने वाला है।सरगना के साथ मो. शहंशाह उर्फ समीर पठान, निवासी जेसीज चौराहा के पास मोहल्ला सत्तेश्वर कोतवाली औरैया, मो. कैफी अहमद, निवासी सत्ती तालाब मोहल्ला तकिया सत्तेश्वर कोतवाली औरैया और समीर खान निवासी इमली टोला लखना थाना बकेवर इटावा पकड़े गए हैं। गिरोह के सदस्य नकली नोट औरैया, फरीदाबाद, जालौन व कानपुर देहात समेत कई जिलों में सप्लाई करते थे।जालौन के थाना रामपुरा के कस्बा ऊमरी मोहल्ला गूंज निवासी सरगना धर्मेंद्र उर्फ करन राजपूत गाजियाबाद की एक कंपनी में नौ हजार प्रति माह रुपये पर नौकरी करता था। लॉकडाउन के बाद वह औरैया आ गया था और नौकरी छूटने पर आर्थिक तंगी के हालात बन गए। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसने यू-टयूब पर वीडियो देखकर नकली नोट बनाना सीखा। इसके बाद पहले खुद नकली नोट छापे। एक दिन दिल्ली जाते समय उसने ट्रैवल्स एजेंसी में काम करने वाले समीर को पांच सौ रुपये का नकली नोट दिया तो उसने पहचान लिया।इसपर काफी कहासुनी हुई और बाद समीर को अधिक रुपये कमाने का लालच देकर गिरोह में शामिल कर लिया। समीर खान ने चाचा शहंशाह और दोस्त कैफी को भी गैंग का सदस्य बना लिया। इसके बाद चारों ने नकली नोट का कोराबार शुरू कर दिया। सीओ सिटी ने बताया कि शहंशाह शराब पीने का लती था, इस कारण नशे की हालत में किसी ने नकली नोट खरीदने की बात कही, इसकी जानकारी पुलिस को हो गई। जब जांच की गई तो सारी पोल खुल गई।

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