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तराई क्षेत्र में कम नहीं हो रहा है बाघ का आतंक


🗒 रविवार, मार्च 14 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
तराई क्षेत्र में कम नहीं हो रहा है बाघ का आतंक

बलरामपुर( डॉक्टर संजय शुक्ला पथिक )

स्थानीय विकासखंड अंतर्गत बरवा तथा बनकटवा आदि वन रेंज के जंगल वरती गांव में बाघ का खौफ कम नहीं हो रहा है। आए दिन बाद जंगल व पहाड़ी नालों से निकलकर रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहा है। बाघ ने रामनगरा गांव में कन्हैया लाल के गन्ने के खेत में एक जंगली सूअर को निवाला बनाया है। वन विभाग बाघ को पकड़ने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही है। इसी क्रम में बीते दिन थाना हरैया अंतर्गत पदुम चक्की गांव में घुसकर बाघ ने 1 गोवंश को अपना निवाला बना लिया। गांव के आसपास बाघ की आमद लगातार बनी रहती है। बाघ को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। वन विभाग की टीम ने शब्दों के अरहर के खेत में बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया लेकिन बाद उस में नहीं फंसा। ग्रामीणों को भी बाग से सुरक्षित रहने के तरीके वन विभाग की टीम बता रही है। अहिरन पुरवा गांव के रक्षा राम यादव आयु 49 वर्ष अपने खेत की रखवाली करने गए थे तभी गन्ने के खेत में छुपे बाघ ने उनको दौड़ा लिया किंतु लोगों के शोर मचाने पर उनकी जान बच गई पूर्व ग्राम पूर्व प्रधान विनीत कुमार सिंह रक्षा राम यादव राकेश वर्मा व धीरज पेशकार ने बताया कि बाघ ने गांव के पूरब कन्हैया लाल वर्मा के गन्ने के खेत में जंगली सूअर को अपना निवाला बना लिया है। सूअर का अवशेष गन्ने के पास झाड़ी में पड़ा हुआ है। वन क्षेत्राधिकारी बनकटवा आरके सिंह ने बताया कि दिन में गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। और ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए उच्चाधिकारियों से अब ड्रोन कैमरे की मदद से बाघ का पता लगाया जाएगा क्योंकि पिंजरे में बाघ हंस नहीं रहा है।