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गैसड़ी एवं पचपेड़वा में पेयजल संसाधनों का टोटा/ गैसड़ी और पचपेड़वा कस्बा के लोग पेयजल की किल्लत से रहे हैं जूझ-----


🗒 रविवार, मार्च 28 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
गैसड़ी एवं पचपेड़वा में पेयजल संसाधनों का टोटा/ गैसड़ी और पचपेड़वा कस्बा के लोग पेयजल की किल्लत से रहे हैं जूझ-----


बलरामपुर( डॉक्टर संजय शुक्ला पथिक)---- जिले में पेयजल संसाधनों का टोटा है। भारत नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित जंगल वरती गांव में पेयजल समस्या गंभीर है। ग्रामीण पेयजल परियोजना धना भाव एवं विद्युत दोष के चलते दम तोड़ रही है। पेयजल की समस्या से ग्रामीणों में आक्रोश है। गैसड़ी नगर के लोग पेयजल की किल्लत से जूझ रहे हैं।
क्षेत्र का पचपेड़वा गैसड़ी तुलसीपुर हुआ हरैया सतघरवा ब्लॉक हार्ड एरिया में आता है। नेपाल स्थित पहाड़ की जड़ें जमीन के अंदर फैली है। इन विकास खंडों में जमीन पथरीली होने के कारण निजी खर्च पर बोरिंग करा पाना मुश्किल होता है। यहां सरकारी संसाधनों पर ही पेयजल व्यवस्था टिकी है। इन विकास खंडों के गांव में अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब है। हैंडपंप मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षित नल कारीगरों की संख्या कम होने के कारण हैंड पंप रिपेयरिंग में दिक्कत आ रही है। बहुतायत हैंडपंप बोर होने लायक है। गर्मी बढ़ते ही भूमिगत जल स्तर नीचे चला जाता है। इसी क्रम में गैसड़ी ब्लाक में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत करीब एक दशक पहले पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। घरों को रोटी वाले कनेक्शन भी दिए गए हैं। नलकूप खराब होने से कस्बा वासियों को आज तक पेयजल सुविधा नहीं मिल पाई है। तमाम शिकायतों के बावजूद लोगों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हो रहा है। यही हाल पचपेड़वा नगर का है। नगर पंचायत में लगे दो नलकूप काफी दिनों से बंद पड़े हैं। कस्बा वासियों को ग्रामीण पेयजल योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पाया है। सोनपुर कलवारी लालपुर सूरत सिंह बिहार में ग्रामीण पेयजल योजना के तहत पानी टंकी का निर्माण पूरा हो चुका है। लोगों को पानी का कनेक्शन भी दिया जा चुका है लेकिन पैसा जमा होने के बावजूद बिजली विभाग ने नलकूपों को कनेक्शन नहीं दिया है। करीब साल भर पहले बिजली कनेक्शन का पैसा जमा हुआ है। लागत बढ़ने के कारण कनेक्शन नहीं मिल सका है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पानी नहीं मिल सका। गुलरिया हिसामपुर में पाइप लाइन टूटी होने के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। पानी का एक मोटर चालू है लेकिन दूसरा बंद है। महादेव गोसाई में 5 साल पूर्व परियोजना शुरू हुई थी जो बाद में धन अभाव के चलते बंद करनी पड़ी। बिजली के अभाव व लो वोल्टेज के चलते अधिकांश मोटर बंद हैं जिससे टंकी तक पानी नहीं पहुंच पाती है। इस संदर्भ में जब अभियंता जल निगम से संवाददाता ने बात की तो उन्होंने कहा कि हम हर क्षेत्र में हैंडपंपों को दुरुस्त कराया जा रहा है। हैंडपंप के रिबोर का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शीघ्र ही पेयजल आपूर्ति योजना शुरू कराई जाएगी। हालांकि यह अलग बात है कि बार-बार ऐसी खबरें छपती रहती हैं और विभागीय अधिकारी इसी तरह बयान देकर भूल जाया करते हैं।

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