जिला बांदा में पल्स पोलियो ड्रॉप की एक खुराक लेने के बाद नौ माह की बच्ची की मौत

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जिला बांदा में पल्स पोलियो ड्रॉप की एक खुराक लेने के बाद नौ माह की बच्ची की मौत


🗒 गुरुवार, मार्च 14 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

पल्स पोलिया ड्रॉप की एक खुराक पीने के कुछ देर बाद कल बांदा में एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। इसके बाद वहां पर खलबली मच गई।बच्ची के परिजनों ने पोलियो की दवा में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत पर सीएमओ डॉ. संतोष कुमार ने संबंधित वायल (दवा की शीशी) को जांच के लिए भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दो डॉक्टरों के पैनल से बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सीएमओ बताया कि पोलियो की दवा पूरी तरह सुरक्षित है, किन कारणों से इस बच्ची की जान गई है उसकी जांच कराई जा रही है।

जिला बांदा में पल्स पोलियो ड्रॉप की एक खुराक लेने के बाद नौ माह की बच्ची की मौत

बांदा के शंभू नगर निवासी अधिवक्ता सूर्य कुमार शुक्ला की नौ माह की बच्ची ईशिता को कल एएनएम ने घर जाकर पोलियो की दवा की दो बूंद पिलाई थी। इसके कुछ देर बाद बच्ची की हालत बिगडऩे लगी। बच्ची की मां कौशिकी शुक्ला व अन्य परिजनों ने कचहरी में पिता को जानकारी दी। पिता जब तक बच्ची को जिला अस्पताल लेकर गया तब तक उसकी मौत हो गई। ड्यूटी पर तैनात डॉ. विनीत सचान ने परीक्षण करने के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोगों का आरोप था कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ थी, उसे किसी तरह की परेशानी नहीं थी।जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. बीपी वर्मा का कहना था कि एएनएम ऊषा सिंह व स्टाफ कर्मी भगवान बाबू आइस बाक्स के साथ डोर टू डोर अभियान में दवा पिलाने शंभू नगर मोहल्ला गए थे। जिस शीशी से बच्ची को दवा पिलाई गई है। उसी शीशी से एएनएम ने छह और बच्चों को दवा पिलाना बताया है। जिसमें एक बच्चा उसी परिवार का भी है। दवा पीने के बाद अन्य बच्चों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई है। इससे दवा का दुष्प्रभाव होना नहीं लग रहा है। फिर भी मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जा रही है।बच्ची की मौत के बाद जिलाधिकारी हीरालाल पीडि़त परिजनों से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे।अगर किसी प्रकार की विभागीय लापरवाही है तो दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों ने जिलाधिकारी को बताया कि एएनएम व पुरुष कर्मी हाथ में दो शीशियां लेकर घर पोलियों की दवा पिलाने आए थे। उनके पास कोई आइस बाक्स आदि नहीं था। उनका आरोप है दवा भी बच्ची को दो बूंद की जगह ज्यादा पिलाई गई थी। मामले की सही ढंग से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। डीएम हीरा लाल ने कहा कि यह दुखद है। पोलिया की दवा के मामले में ऐसी घटना पहली बार हुई है। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

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