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बांदा-दर्जनों मामलों में अभियुक्त चला रहा है गांवों में जुआ खाने


🗒 शुक्रवार, अक्टूबर 30 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
बांदा-दर्जनों मामलों में अभियुक्त चला रहा है गांवों में जुआ खाने


क्रासरः अपराधी को पकडने की बजाये हफ्ता वसूलती है स्थानीय पुलिस
बांदाः जनपद के बबेरू थानाक्षेत्र में आपराधिक रिकार्ड रखने वाला व्यक्ति पुलिसिया मिलीभगत से नालबंद जुआखाना चला रहा है। जुएं के शौकीन इन जुआडखानों में आकर अपने घरों को बर्बाद कर रहे है। वहीं नालबंद जुआखाना संचालक दिनोंदिन अपनी काली कमाई को बढा रहा है।
थानाक्षेत्र बबेरू के रहने वाले अश्विनी ओझा पर हत्या, डकैती व गैंगस्टर जैसे संगीन धाराओं में जनपद के विभिन्न हिस्सों में दर्जनों मुकदमें दर्ज है। बावजूद इसके पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं करती। वह खुलेआम बबेरू, बिसंडा थाना क्षेत्रों के कई गांवों में नालबंद जुआखाने संचालित करा रहा है। बिसंडा थानाक्षेत्र के पांच गांव शिव, बडागांव, कैरी, पून और गडांव में उसकी तूती बोलती है। स्थानीय लोगों की मानें तो इन गांवों में संचालित जुए के अड्डों पर लग्जरी वाहनों में लोग आते है और यहां पर अपना सब कुछ लुटाकर बैरंग लौट जाते है। इन पांच गांवों के साथ आसपास के सैकडों लोग भी अपनी किस्मत बदलने की चाह रखते हुए ताश के 52 पत्तों को फंेकते है। एक के बाद एक उनका सब कुछ लुट जाता है। जुआखानों में जुआरियों को प्रतिदिन सवाई के हिसाब से पैसा भी संचालकों के द्वारा मुहैया कराया जाता है। नालबंद जुआखानों के संचालन के लिए अश्विनी ओझा की टीम पूरी सतर्कता के साथ काम करती है। खाकी का खौफ इनकों है ही नहीं। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पल पल की लोकेशन इनकों मिलती रहती है। कुछ खाकी वर्दी धारी भी इस आपराधिक जुआखाना संचालक को पूरी मदद मुहैया कराते है। जिसके एवज में उन्हें बकायदा निर्धारित रकम भेजी जाती है। जिसके चलते पुलिस को जुएं के ये अड्डे नजर ही नहीं आते। रोजान सैकडों परिवार इन जुआडखानों में बर्बाद हो रहे है। जबकि नालबंद जुआखाना चलाने वाला अपराधी अश्विनी ओझा दिन दूनी रात चैगनी अपनी काली कमाई को बढा रहा है।