बांदा-पैगम्बर मोहम्मद साहब की विलादत का जमकर मनाया जश्न

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बांदा-पैगम्बर मोहम्मद साहब की विलादत का जमकर मनाया जश्न


🗒 शुक्रवार, अक्टूबर 30 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
बांदा-पैगम्बर मोहम्मद साहब की विलादत का जमकर मनाया जश्न


क्रासरःसोशल डिस्टेंसिंग के साथ निकला जुलूसे मोहम्मदी
क्रासरःजामा मस्जिद का सजावट रही आकर्षण का केन्द्र

बांदा। शुक्रवार को इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का यौमे विलादत (जन्मदिन) धूमधाम से मनाई गई। इसके लिए पूर्व संध्या से ही तैयारियां कर ली गई थीं। इस्लामी कैलेंडर के तीसरे माह रबिअव्वल की 12वीं तारीख को जश्ने ईद मीलाद मनाई जाती है। मुख्य आयोजन बांदा शहर में निकला जुलूसे मोहम्मदी रहा। सौहार्द और कौमी एकता की परंपरा को बरकरार रखते हुए आयोजन हुए। जुलूसे मोहम्मदी में कोरोना प्रोटोकाल का पूरी तरह से पालन किया गया। सभी कमेटियों ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ मास्क व सैनेटाइजर का भी प्रयोग किया।
पूर्व संध्या से ही शहर के मुस्लिम इलाकों में बिजली सजावट की गई थी। रात भर नाते और कव्वालियां गूंजीं। शुक्रवार को दोपहर से शहर के विभिन्न मोहल्लों के जुलूस कालवनगंज कोतवाली रोड स्थित खानकाह दरगाह (छिपटहरी) के सामने इकट्ठा हुए। यहां तीसरे पहर शहर काजी अकील मियां, जश्ने ईद मीलाद कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद शोएब, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष आरिफ खां, हाजी गुलाम मुस्तफा, मोहम्मद अयूब, हाजी जाहिद अली, मोहम्मद अजीज उर्फ अज्जन, अब्दुल वहीद, वार्ड सदस्य लल्लू खां, शाहिद निजामी और गुलफाम आदि ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया। छिपटहरी, मर्दन नाका, कुंजरहटी, मनोहरीगंज, छावनी, गूलरनाका, अलीगंज और अमर टाकीज तिराहा आदि सड़कों से जुलूस गुजरा। इन रास्तों में बिजली और झंडे-झंडियों की खास सजावट की गई थी। भारी-भरकम और छोटे-बड़े सैकड़ों हरे परचम और विभिन्न आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। जगह-जगह झांकियों को पुरस्कृत किया गया। विभिन्न मोहल्लों के युवक और बच्चे अपने खास पोशाक में शामिल थे। बाजे-गाजे और डीजे के बीच नाते और कव्वालियां और इस्लामी नारे गूंजते रहे। देर रात अलीगंज पुलिस चैकी चैराहे पर स्थानीय कमेटी के तत्वावधान में सलाम पेश किया गय। पुलिस विभाग द्वारा पूरे समय ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। खुफिया विभाग भी पूरे समय सक्रिय रहा।
वहीं सारी दुनिया को इंसानियत और अपने मुल्क से मोहब्बत का पैगाम देने वाले हजरत मोहम्मद के जन्मदिन पर निकाले गए जुलूस में भी यही संदेश दिया गया। हजारों की संख्या वाले जुलूस में एक तरफ जहां हरे इस्लामी परचम लहरा रहे थे तो उन्हीं के साथ देश का तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज अपनी अलग शान बिखेर रहा था। खास लिबास और पगड़ी वाले युवा पूरे समय आन-बान-शान के साथ तिरंगा लहराते रहे और सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा का पैगाम देते रहे। तिरंगाधारी युवाओं की टीम कालवनगंज (छिपटहरी) की थी। अन्य मोहल्लों के जत्थों में भी तिरंगे शामिल रहे।