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बांदा-नीली क्रान्ति ने मत्स्य पालन में फूंकी जानः सीडीओ


🗒 शनिवार, नवंबर 21 2020
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
बांदा-नीली क्रान्ति ने मत्स्य पालन में फूंकी जानः सीडीओ

नीली क्रान्ति ने मत्स्य पालन में फूंकी जानः सीडीओ
- मत्स्य पालन दिवस पर सम्मानित हुए कृषक

बांदा। सोमवार को मत्स्य विभाग द्वारा विकास भवन सभाकक्ष में विश्व मात्स्यिकी दिवस समारोह मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मनाया गया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य एचसीवर्मा के द्वारा समारोह में बताया गया कि प्रथम मात्स्यिकी दिवस 21 नवम्बर 2014 को विश्व में मनाया गया था। और इस दिन पर्याप्त मछली उत्पादन करने और स्वस्थ पारिस्थतिकी तन्त्र के निर्माण के लिए मनाया जाता है। इस अवसर पर मौजूदा केन्द्र सरकार के द्वारा मछली के उत्पादन और वितरण को बढावा देने के लिए नीली कान्ति योजना शुरू करने की घोषणा की गयी थी। और वर्ष 2020-21 से प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना प्रारम्भ की गयी है। सीडीओे ने कहा कि नीली क्रान्ति से मत्स्य पालन में जान फूंकने का काम किया है।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा जनपद के तीन मत्स्य पालकों को अधिक मत्स्य उत्पादन करने पर प्रशस्ति पत्र एवं शाल देकर सम्मानित किया गया जिनके बुद्धराज सिंह निवासी लौलीटीकामऊ, पवन कुमार तिन्दवारी एवं शिवमंगल सिंह पटेल निभवई आदि शामिल हैं। इस दौरान जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, प्रभारी खाद्य प्रसंस्करण के द्वारा अपने-2 विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बन्ध में मत्स्य पालकों व कृषकों को लाभान्वित किया गया। मत्स्य विभाग के समस्त कर्मचारियों के द्वारा समारोह में प्रतिभाग किया गया।