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पखवारे बाद जौनपुर में धरा गया मॉडल का भाई


🗒 गुरुवार, जुलाई 29 2021
🖋 रजत तिवारी, बुंदेलखंड सह संपादक बुंदेलखंड
पखवारे बाद जौनपुर में धरा गया मॉडल का भाई


क्रासरःमॉडल के भाई ने अपहरण की घटना से किया इंकार
क्रासरःपैसों का दबाव पड़ने पर स्वेच्छा से गया था बाहर

बांदा। मिस इंडिया ताज ब्राउन प्रिसेंज का खिताब जीतने वाली रिया रैकवार के भाई दीपक रैकवार के कथित अपहरण के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दीपक रैकवार को मीडिया के समक्ष पेश किया। जिसने बताया कि मेरा अपहरण नहीं किया गया बल्कि मैं बैंक के ग्राहकों द्वारा रुपये वापस मांगने से परेशान होकर स्वेच्छा से चला गया था।
इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली अंतर्गत मवई बाईपास निवासी रोशनी रैकवार पुत्री श्रीप्रसाद रैकवार ने कोतवाली में तहरीर दी थी कि दीपक शुक्ला पुत्र नंदलाल शुक्ला निवासी सिविल लाइन बांदा व विमल तिवारी पुत्र ब्रह्मदत्त निवासी ग्राम अछरौड थाना मटौंध तथा 30-35 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मेरे भाई दीपक रैकवार को गायब कर दिया गया है।जिसकी विवेचना वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिवपाल सिंह द्वारा की जा रही थी। इस बीच 26 जुलाई को कथित अपहृत दीपक रैकवार अपने दो साथियों दीनबंधु सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी जौहरपुर थाना तिंदवारी तथा सनी सिंह उर्फ शिवम सिंह पुत्र हनुमत सिंह निवासी जौहरपुर थाना तिंदवारी वाहन चेकिंग के दौरान थाना चंदवक जनपद जौनपुर में पकड़े गए।इस सूचना पर कोतवाली बांदा के उप निरीक्षक प्रमोद कुमार ,कांस्टेबल धरमू पांडे कांस्टेबल सुनील कुमार व अमित कुमार प्राइवेट वाहन से जौनपुर पहुंचे और वहां से दीपक रैकवार को बांदा लाया गया। पूछताछ में दीपक ने बताया कि हमने बांदा में राम मुद्रा अर्बन बैंक खोली थी, उसकी दो शाखाएं नरैनी बांदा व इचौली जनपद हमीरपुर में थी।जिनमें लोगों का एफडी व आरडी का पैसा जमा कराया जाता था। 2 जुलाई 2021 को दीपक शुक्ला, विमल पाठक व नवीन जैन तथा अन्य कई लोगों द्वारा मुझ पर पैसा तत्काल वापस करने का दवाव बनाए जाने लगा तथा यह लोग मेरा पीछा करने लगे।साथ ही तरह-तरह की धमकी देते थे, इससे परेशान होकर मैं 3 जुलाई 2021 से घर से चला गया था और अपने मित्र दीनबंधु निवासी बेंदा घाट के यहां साथ में रह रहा था।
यहीं पर उसके दो साथी सनी उर्फ शिवम तथा रवि सिंह से दोस्ती हो गई थी। इनकेे साथ मैं अपनी स्कार्पियो गाड़ी से फतेहपुर ,प्रयागराज ,कानपुर में आता जाता रहा।इसी दौरान मैंने अपनी स्कार्पियो जौनपुर निवासी साहिल श्रीवास्तव को दे दी थी और खर्च के लिए 30000 रुपये लिए थे।
इसके बाद मैं बस से सूरत और वहां से मुंबई चला गया था और वापस 25 जुलाई को कानपुर आया तथा अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से साहिल श्रीवास्तव से मिलने के लिए जौनपुर गए थे। जहां गाजीपुर रोड पर जाते समय चंदवक में पुलिस ने रोक लिया और उसके बाद बांदा पुलिस पहुंच गई जो हमें बांदा ले आई। दीपक ने बताया कि हमारा किसी ने अपहरण नहीं किया था। बताते चलें कि दीपक रैकवार की मां सुधा रैकवार जो समाजवादी पार्टी की नगर सचिव थी ने कोतवाली पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। वह कोतवाली में अपने पुत्र के गायब होने की रिपोर्ट लिखाने गई थी और उसके बाद आत्महत्या की घटना को अंजाम दिया था। जिससे यह मामला सुर्खियों में आया था।

 

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