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मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की पोषण माह की तैयारियों की समीक्षा की


🗒 शुक्रवार, सितंबर 04 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की पोषण माह की तैयारियों की समीक्षा की

पोषण माह अभियान को लेकर शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिले की छह महिलाओं से बात भी की। इसमें रेशमा, शांति, सुमन ने कहा मुख्यमंत्री जी हम गाय पालेंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को अतिकुपोषित बच्चों केअभिभावकों को एक-एक गाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी की भी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने छह ऐसी महिलाओं से बात की, जिनके गंभीर रूप से अति कुपोषित बच्चे वर्तमान समय सामान्य श्रेणी में आकर सुपोषित हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से पूछा कि गाय पालना चाहती हो। शहर की रेशमा, मसौली की शांति देवी, बनीकोडर की सुमन ने गाय पालने के लिए हामी भर दी। वहीं, बंकी की संगीता, हरख की श्यामा देवी, शमा बानो से योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मेरी देखरेख से बच्चा सुपोषित हो गया है। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, सीडीओ मेधा रूपम, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश कुमार आदि मौजूद रहे।अतिकुपोषित बच्चों के अभिभावकों को जिला प्रशासन एक-एक गाय उपलब्ध कराने का आदेश सीएम ने दिया है। उन्होंने कहा कि गाय के पोषण के लिए 900 प्रतिमाह की सहायता भी प्रदान की जाए। गाय न केवल दूध देगी, जिससे स्वास्थ्य अच्छा होगा, बल्कि कंपोस्ट भी तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ एवं अधिक सक्षम भारत की अवधारणा को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री का 'पोषण अभियान' महत्वपूर्ण है।सात सितंबर से प्रारंभ हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के सफल बनाया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, एएनएम, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह के साथ मिलकर जन-सामान्य को जागरूक करने का प्रयास हो। ओडीएफ, स्वच्छता अभियान के तहत कार्य कर रहे स्वच्छाग्रहियों को भी पोषण अभियान से जोड़ा जाए।सीएम ने कहा कि इस अभियान में सामुदायिक स्थानों के साथ-साथ प्रत्येक घर में फल, सब्जी तथा औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अदरक, हल्दी, सहजन, बेल, आंवला, नीम, तुलसी, पुदीना आदि का भोजन में उपयोग करने से प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। किचन गार्डन का विकास प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। न्यूट्री गार्डन के लिए सरकारी स्कूलों, आवासीय स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत की भूमि प्रदान की जाए। 

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