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पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने Twitter Profile से हटाया भाजपा


🗒 सोमवार, अक्टूबर 04 2021
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
पीलीभीत सांसद वरुण गांधी ने Twitter Profile से हटाया भाजपा

बरेली,  लखीमपुर खीरी में हिंसा की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस, सपा, बसपा समेत किसान संगठन जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने अपने ट्विटर अकाउंट के प्रोफाइल से बीजेपी शब्द हटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने लखीमपुर की घटना की सीबीआइ जांच के साथ पीड़ित पर‍िवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इससे पहले भी सांसद वरुण गांधी किसानों के समर्थन में कई सभाओं में बोल चुके हैं। किसान आंदोलन में मारे गए किसानों को उन्होंने शहीद तक कह दिया था। हालांकि सांसद के प्रवक्ता ने ट्वीटर से बीजेपी हटाने की जानकारी होने से इन्कार किया है।सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र में लिखा है कि लखीमपुर खीरी में विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को निर्दयता पूर्वक कुचलने की हृदय विदारक घटना हुई है। इस घटना से एक दिन पहले ही देश में अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की जयंती मनाई गई थी। इसके अगले ही दिन लखीमपुर खीरी में जिस घटनाक्रम में अन्नदाताओं की हत्या की गई वह किसी भी सभ्य समाज में अक्षम्य है। आंदोलनकारी किसान हमारे अपने नागरिक हैं। यदि कुछ मुद्दों को लेकर किसान पीड़ित हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो हमें उनके साथ बड़े ही संयम और धैर्य के साथ बर्ताव करना चाहिए। हमें हर हाल मेंं अपने किसानों के साथ केवल और केवल गांधीवादी व लोकतांत्रिक तरीके से कानून के दायरे में संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए।पत्र में सांसद वरुण गांधी ने लिखा है कि घटना में शहीद हुए किसानों को श्रद्धाजंलि देते हुए उनके स्वजन के प्रति शोक संवेदन प्रकट करते हैं। सांसद ने निवेदन किया है कि घटना में संलिप्त तमाम संदिग्धों को तत्काल चिन्हित कर हत्या का मुकदमा कायम कर कार्रवाई की जाए। इस विषय में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई से जांच करवाकर दोषियों को सजा दिलाना ज्यादा उपयुक्त होगा। इसके अलावा पीड़ित परिवारों को एक एक करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसानों के साथ इस प्रकार का कोई भी अन्याय या अन्य ज्यादती न हो। उम्मीद है कि घटना की गंभीरता देखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए।

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