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कर्ज चुकाने के लिए दोनों भाईयों ने किया बालक का अपहरण


🗒 शनिवार, अप्रैल 30 2022
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
कर्ज चुकाने के लिए दोनों भाईयों ने किया बालक का अपहरण

बस्ती , । बस्ती जिले के व्यवसायी के बेटे के अपहरण में शामिल दोनों भाई कपड़े का ही कारोबार करते हैं। कपड़ा व्यवसायी अशोक कसौधन के यहां अपहरणकर्ता आदित्य सिंह का आना जाना था। प्रत्येक गुरुवार को वो माल की सप्लाई करने आता था। इसलिए घर के सभी सदस्यों से मेलजोल हो गया। कारोबार के लिए दोनों भाइयों ने घर का आभूषण गिरवी रखकर एचडीएफसी बैंक से दो लाख लोन लिया था। लोन चुकता न करने पर सोना जब्त होने की स्थिति आ गई। इसकी वजह से आदित्य ने व्यवसायी पुत्र अखंड के अपहरण की योजना बनाई।गत 22 अप्रैल को असफल रहने पर 23 अप्रैल को वे दोनों फिर से रुधौली आए। आदित्य सिंह बाइक लेकर अशोक कसौधन की दुकान के बाहर रोड पर हेलमेट और मास्क लगाकर मंडरा रहा था। जैसे ही अखंड सब्जी की दुकान पर दिखा उसे बुला लिया। कार का पहिया बनवाने के बहाने बाइक पर बैठाकर ले गया। बखिरा रोड पर पांच किमी दूर खड़ी इको कार में हाथ पैर बांध कर कार में बैठा दिया। कार में उसे लेकर आदित्य सहजनवां चला गया जबकि सूरज बाइक लेकर वापस रुधौली आ गया। सूरज ही फोन कर अखंड के पिता से 50 लाख फिरौती की मांग करता था। आदित्य की उनसे अक्सर बातचीत होती थी। आवाज पहचान में आने के डर से वो फोन भाई सूरज से ही कराता रहा।आइजी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने तीन बार फिरौती के लिए फोन किया था। पहली बार घटना के एक घंटे बाद दूसरी बार 24 अप्रैल को फोन कर फिरौती की रकम के इंतजाम होने के बारे में पूछा। सर्विलांस सेल ने लोकेशन खंगाला तो टिनिच के आमा गांव के पास मिला। यह फोन काल शीतल पेय बेंचने वाले दुकानदार के फोन से किया गया था। दुकान पर पुलिस पहुंची तो दुकानदार से पूछताछ की तो उसने बताया कि काले रंग की पैशन प्रो बाइक से दो लोग आए थे,जरूरी काल करने के लिए उसका फोन मांगा तो दे दिया। आइजी ने बताया कि अपहरणकर्ता दूसरे का फोन प्रयोग कर पुलिस को गुमराह करते रहे।पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की गतिविधियों पर निगरानी के लिए जाल बिछा रखा था। तीसरी बार गुरुवार को अपहरणकर्ताओं ने फोन कर पैसे का इंतजाम होने के बारे में पूछा। इस बार फोन काल का लोकेशन रुधौली-बखिरा मार्ग पर पिपरा पुलिस चौकी के पास मिला। यह फोन पिपरा चौराहे के पास रात में मामा के नाम से चर्चित युवक से छीना गया था। पुलिस ने उसे उठाया तो उसके जरिए अपहरणकर्ताओं की कार के बारे में पता चला। छीना गया मोबाइल लेकर अपहरणकर्ता पुरानी बस्ती के पालीटेक्निक कालेज तक लेकर आए फिर कहीं उसे फेंक दिया। तीसरे फोन काल में पुलिस को अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के लिए ठोस सबूत हाथ लग गए।जिस बाइक से बालक का अपहरण हुआ था उसका फिर से सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो बाइक के पीछे एक इको गाड़ी मिली। ऐसे में पुलिस को यकीन हो गया कि अपहरण में इसी इको गाड़ी का प्रयोग किया गया है। वहीं काले रंग की पैशन प्रो का भी जब लोकेशन ट्रेस किया गया तो उसका मूवमेंट वाल्टरगंज, मनौरी, चैनपुरवा, खजौला व सहजनवा में मिला।अपहरणकर्ता बाइक से चले या फिर कार में। हमेशा मास्क लगाए सीसीटीवी फुटेज में मिले। एक ही कलर का मास्क अपहरण के समय और उसके बाद लगाना पुलिस को उन तक पहुंचने का रास्ता दे गया। एक-एक सीसीटीवी फुटेज मिलाए गए। सबमें एक ही तरह के पिक्चर मिले। आइजी ने इसके बाद बस्ती और संतकबीरनगर जिले की पुलिस को निर्देश जारी किया जो बाइक या कार में मास्क लगाकर चलता मिले उसे पकड़ लिया जाए। पुलिस सक्रिय हुई और मास्क लगाकर चलने वालों को धरपकड़ शुरू हो गई।अपहरणकांड के पर्दाफाश में लगे आईजी पूरे मामले की गहन मानीटरिंग खुद कर रहे थे। एसपी सहित पूरी पुलिस टीम को इस बात के लिए सचेत किया था कि अपहरणकर्ता माहौल भांपने के लिए अपहृत किए गए बालक के घर के आसपास जरूर जाएंगे। इसे देखते हुए रुधौली के चारो ओर हर मार्ग पर पुलिस मुस्तैद कर दी गई थी। शुक्रवार की रात 10 बजे बखिरा मोड़ पर हरे रंग की एचएफडीलक्स बाइक पर सवार मास्क लगाए दो लोगों को पक़ड़ा गया। मास्क लगाने व हरे रंग की बाइक पर सवार इन युवकों पर पुलिस को शक हुआ। दोनों को हनुमानगंज पुलिस चौकी पर ले जाया गया। जहां पुलिस टीमों के साथ ही गोरखपुर की एसटीएफ ने पूछताछ की। पहले तो दोनों कुछ भी बताने से इनकार करते रहे। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई तो वो टूट गए। यह जानकारी पुलिस उच्चाधिकारियों तक पहुंची तो सबने राहत की सांस ली।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम: अपहरण कर्ताओं को गिरफ्तार कर बालक की बरामदगी करने वाली टीम में निरीक्षक एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर सत्यप्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक रुधौली रामकृष्ण मिश्र, प्रभारी निरीक्षक साइबर सेल विकास यादव,प्रभारी निरीक्षक हर्रैया शैलेश सिंह, प्रभारी एंटी नारकोटिक्स टीम योगेश कुमार सिंह, प्रभारी एंटी व्हीकल टीम गजेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी सर्विंलास दुर्विजय, एसओजी प्रभारी उमेश चंद्र वर्मा, चौकी प्रभारी बभनान जनार्दन प्रसाद, दक्षिण दरवाजा चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह के अलावा यशवंत सिंह, उमेश कुमार सिंह, महेंद्र यादव, कुलदीप यादव, धीरेंद्र यादव, विनय कुमार सिंह, अभिलाष प्रताप सिंह, हरिओम सिंह, चंद्रकेश प्रजापति,गोल्डी मौर्या, जर्नादन प्रजापति,सतेंद्र सिंह,हिंदे आजाद, दिलीप कुमार, राघवेंद्र दूबे, अजय दूबे, राम सुरेश यादव, मणींद्र प्रताप चंद, मनोज राय, रमेश गुप्ता, सर्वेश नायक और शिवचरन आदि हेडकांटेबल और कांस्टेबल शामिल रहे।

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