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भदोही में बेदर्द मां ने आधी रात 5 बच्चों को गंगा में फेंका, पुलिस संग गोताखोर भी तलाश में जुटे


🗒 रविवार, अप्रैल 12 2020
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
भदोही में बेदर्द मां ने आधी रात 5 बच्चों को गंगा में फेंका, पुलिस संग गोताखोर भी तलाश में जुटे

गोपीगंज क्षेत्र के जहांगीराबाद गांव में शनिवार की रात एक मां ने ममता को कलंकित कर तीन बेटियों सहित पांच बच्चों को गंगा में फेंक दिया। सुबह घटना की जानकारी होते ही समूचा जनपद दहल गया। बच्चों की तलाश में स्थानीय गोताखोर गंगा में उतरे लेकिन दोपहर साढ़े तीन बजे बड़ी बेटी वंदना का ही शव मिला। बाकी बच्चों की तलाश चल रही है। डीएम राजेंद्र प्रसाद और एसपी रामबदन सिंह ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। महिला हो हिरासत में ले लिया गया है। बार-बार पूछे जाने पर भी वह घटना का कारण स्पष्ट नहीं कर रही है।मृदुल यादव उर्फ मुन्ना यादव किसी काम से बाहर गया था। रविवार को तड़के करीब ढाई बजे उसकी पत्नी मंजू अपनी पुत्री वंदना (12), रंजना देवी (10 ), शिवशंकर (8), पूजा (6) और संदीप कुमार (3) वर्ष को गंगा घाट पर पहुंच गई। इस समय यहां पर नाव से मछुआरे जाल फैला रहे थे। महिला को देख भयभीत होकर भाग खड़े हुए। एकांत मिलते ही महिला ने तीन बेटियों सहित पांच बच्चों को फेंक दिया। घटना के बाद वह रात में ही घर आकर अपने कमरे में सो गई। सुबह इसकी जानकारी अपनी जेठानी को दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सुबह उसका पति मुन्ना भी गंगा घाट पर पहुंच गया। वह इधर-उधर अपने बच्चों को खोजने लगा। मामले की जानकारी होते ही मायके वाले भी पहुंच गए। एसपी ने बताया कि महिला घटना की सटीक जानकारी नहीं दे रही है। इसके बाद भी बच्चों को तलाश में गोताखोर लगाए गए हैं। इसके अलावा भी हर पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।गंगा तट पर आज नजारा दर्द भरा था। एक मां मंजू गंगा को निहारते हुए डूब चुके बच्चों की एक झलक देखना चाह रही थी तो गांव की दूसरी महिलाएं उसे अभागन कह रही थी। वह उसे कोस रही थी। यही कह रही थी कि वे भी तो मां हैं। जिन बच्चों को छाती का दूध पिलाया और पाल-पोसकर बड़ा किया, उन्हें कोई इतनी भयावह मौत कैसे दे सकता है भला। मरना ही था तो अभागन क्यों नहीं डूब गई। बेचारे बच्चों को क्यों डुबो दिया। पांचों बच्चों को पानी में डुबोकर उसे कौन सा सुकून मिला। गांव की महिलाएं उसे हत्यारिन कह रही थी। उनके अंदर बहुत गुस्सा दिखा। लोग उससे सवाल करते लेकिन वह बेसुध सी देखती। सबका मुंह निहारती, लेकिन किसी से कुछ नहीं कहती।

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