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अब विदेश स्थित संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है दिवालिया कानून, मामलों का जल्‍द होगा निपटारा


🗒 शनिवार, अगस्त 18 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

 कंपनी मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा है कि इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड यानी दिवालिया कानून विदेश स्थित संपत्तियों पर भी लागू किया जा सकता है। इसके अलावा सरकार दिवालिया कानून को और मजबूत करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में और ज्यादा सदस्य नियुक्त कर रही है।

अब विदेश स्थित संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है दिवालिया कानून, मामलों का जल्‍द होगा निपटारा

श्रीनिवास ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि सीमा पार की दिवालिया प्रक्रिया पर विचार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी किसी कंपनी की विदेश में परिसंपत्तियों के लिए दिवालिया प्रक्रिया तैयार करेगी। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद इसके बारे में अंतिम फैसला किया जाएगा।इस बीच, दिवालिया प्रक्रिया पर आयोजित सीआइआइ के एक कार्यक्रम में कंपनी मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि सरकार एनसीएलटी में नए सदस्य नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए सरकार को 500 आवेदन मिले हैं। उन्होंने बताया कि सरकार एनसीएलटी की मुंबई बेंच में सदस्यों की संख्या एक से बढ़ाकर चार करने पर भी विचार कर रही है ताकि दिवालिया मामलों का जल्द निपटारा किया जा सके।उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने 50,000 मुखौटा कंपनियों की पहचान की है। इन निष्कि्रय कंपनियों का पंजीकरण रद किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि यह निरंतर प्रक्रिया है। हमने दो लाख कंपनियों की पहचान की है। अभी तक 50,000 कंपनियों का पंजीकरण रद किया जा चुका है। इसमें प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में कंपनियों का पंजीकरण रद हो सकता है। लेकिन इसकी निश्चित प्रक्रिया है और कंपनियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है।

मूल्यांकनकर्ताओं के लिए अलग कानून बनाने पर विचार 
कंपनी मामलों के सचिव इंजेती श्रीनिवास ने कहा है कि सरकार पंजीकृत वैल्यूअर यानी मूल्यांकनकर्ता के लिए अलग कानून लाने पर विचार कर रही है। दिवालिया हो रही कंपनियों के बेहतर मूल्यांकन में वे मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि दिवालिया कानून सुचारु हो रहा है। लेकिन समूची प्रक्रिया में मूल्यांकनकर्ताओं की कमी महसूस हो रही है। दिवालिया हो रही कंपनियों का समाधान करने वाले इंसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल मूल्यांकन के नए क्षेत्र में कुशल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अभी पंजीकृत मूल्यांकनकर्ता हैं लेकिन चार्टर्ड एकाउंटेंट और कंपनी सैक्रेटरी की तरह उनके लिए अलग से कानून नहीं है। इस पर विचार हो रहा है कि उनके लिए अलग से कानून बनाया जा सकता है या नहीं। दिवालिया प्रक्रिया में वे अत्यंत अहम कड़ी हैं।

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