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RBI ने डिफॉल्टर्स को दी चेतावनी, फंसे कर्जों पर कार्रवाई टाल नहीं सकेंगे बैंक


🗒 बुधवार, फरवरी 14 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

फंसे कर्जो यानी एनपीए की समस्या को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के तेवर और सख्त हो गए हैं। बैंक अब किसी भी हालत में दबाव ग्रस्त कर्ज को एनपीए में डालने और वसूली के लिए इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड (आइबीसी) के तहत कार्रवाई को टाल नहीं सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने इस संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने इन कदमों को डिफॉल्टरों के लिए चेतावनी करार दिया है।

RBI ने डिफॉल्टर्स को दी चेतावनी, फंसे कर्जों पर कार्रवाई टाल नहीं सकेंगे बैंक

रिजर्व बैंक ने फंसे कर्जो के समाधान के लिए वर्तमान में चल रहे आधा दर्जन नियम खत्म कर दिए हैं। अब किसी कर्ज डिफॉल्ट के मामले में बैंकों को 180 दिन के भीतर उसका समाधान निकालना होगा। ऐसा नहीं होने की स्थिति में उस खाते को दिवालिया प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाना होगा। केंद्रीय बैंक ने मंगलवार देर रात नए दिशानिर्देश जारी किए थे।

नए नियम के तहत 2,000 करोड़ रुपये या इससे ज्यादा के लोन डिफॉल्ट के मामलों में बैंक अधिकारियों को 180 दिन के भीतर समाधान की योजना तैयार करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर उसे दिवालिया प्रक्रिया में ले जाना होगा। नियम का पालन नहीं कर पाने वाले बैंकों को जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने नए नियमों को डिफॉल्टरों के लिए चेतावनी बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक बार में ऐसे मामलों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। फंसे कर्जो वाले खातों के समाधान के यह ज्यादा पारदर्शी प्रक्रिया होगी। उन्होंने बताया कि नए नियमों से एनपीए के लिए बैंकों के मुनाफे से प्रावधान संबंधी व्यवस्था पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बल्कि इससे एनपीए की पहचान समय से हो सकेगी और रिजॉल्यूशन प्लान तय सीमा में आ सकेगा।

सरकारी क्षेत्र के इंडियन ओवरसीज बैंक ने दिसंबर में समाप्त तिमाही में 971.1 करोड़ रुपये के भारी-भरकम शुद्ध नुकसान की जानकारी दी है। पिछले साल समान अवधि में बैंक का घाटा 554.44 करोड़ रुपये रहा था। बैंक के बयान के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले नौ माह यानी अप्रैल-दिसंबर के दौरान उसका घाटा 2692.76 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल समान अवधि में घाटा 2770.07 करोड़ रुपये रहा था। बैंक के अनुसार दिसंबर तिमाही में बैंक का कुल एनपीए 21 फीसद (33,267 करोड़ रुपये) और शुद्ध एनपीए 13.08 फीसद (17,761 करोड़ रुपये) था।

सरकारी क्षेत्र के पंजाब एंड सिंध बैंक का दिसंबर तिमाही में घाटा 258.25 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान बैंक का एनपीए बढ़कर दोगुने से ज्यादा हो गया। बैंक ने पिछले साल समान अवधि में 77.51 करोड़ रुपये लाभ कमाया था। बैंक ने इस तिमाही में एनपीए के लिए अपनी आय में से 417.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। जबकि पिछले साल आलोच्य तिमाही में 206.92 करोड़ रुपये निकाले गए थे।

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