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आगरा की सेंट्रल जेल में हाथरस के कैदी की मौत


🗒 गुरुवार, फरवरी 15 2018
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक
आगरा की सेंट्रल जेल में हाथरस के कैदी की मौत

 हाथरस : हत्या के आरोप में केंद्रीय कारागार, आगरा में उम्र कैद की सजा काट रहे हाथरस के कैदी की मौत हो गई। परिजनों ने जेल के स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि मध्य रात्रि में सीने में दर्द की शिकायत के बावजूद डॉक्टर को देर से सूचना दी गई। इससे हालत बिगड़ने से उसकी जान चली गई।

हाथरस के थाना सहपऊ के गांव नगला कली निवासी 40 वर्षीय मनोज गौतम सेंट्रल जेल में वर्ष 2016 से निरुद्ध था। गांव में वर्ष 2007 में दो लोगों की हत्या में मनोज उसके भाइयों संजय गौतम, सतेंद्र गौतम समेत चार लोगों को सजा हुई है। तीनों भाई अलीगढ़ जेल से यहां स्थानांतरित किए गए थे। मनोज और उसका भाई संजय एक ही बैरक में निरुद्ध हैं। परिजनों के मुताबिक मंगलवार रात एक बजे मनोज को सीने में दर्द की शिकायत हुई।

इसकी जानकारी भाई संजय को देने पर उसने वहां तैनात बंदी रक्षक को बताया। परिजनों का आरोप है कि सीने में दर्द की शिकायत के बावजूद बंदी रक्षक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। डॉक्टर को काफी देर से सूचना दी गई, इससे मनोज की हालत बिगड़ गई। स्टाफ ने उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर मध्य रात्रि सवा तीन बजे उसे एसएन इमरजेंसी में भर्ती कराया। यहां सुबह सवा पांच बजे मनोज ने दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन ने परिजनों को साढ़े पांच बजे उसकी मौत की खबर दी। परिजनों का आरोप है कि बंदी रक्षक ने यदि समय रहते डॉक्टर को सूचना दे दी होती, तो मनोज की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों का कहना है कि आला अधिकारियों से मामले की शिकायत करेंगे।

'मामले की जांच कराई जाएगी, बंदी रक्षक दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'-संजीव त्रिपाठी, डीआइजी जेल