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DGP का आया फरमान, 58 साल की उम्र होने पर नहीं बन सकेंगे थानाें के इंचार्ज


🗒 सोमवार, अगस्त 12 2019
🖋 विक्रम सिंह यादव, प्रधान संपादक

प्रदेश की कानून- व्यवस्था को चुस्त करने व पुलिस की कार्यशैली जनहित में करने के उद्देश्य से सरकार तरह-तरह के प्रयोग कर रही हैं। इसी क्रम सरकार ने कानून व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखने व बेहतर पुलिसिंग के लिए थानाध्यक्षों की तैनाती के लिए अब मानक तय कर दिए हैं। इनमें कई नियम तो पहले से ही चले आ रहे है लेकिन इसका पालन जिला स्तर पर कम ही होता है।पुलिस महानिरीक्षक ओपी सिंह ने 7 अगस्त 2019 को फरमान जारी कर थानों पर थाना इंचार्ज व कांस्टेबल की तैनाती के लिए मानक तय कर दिए हैं। इस संदर्भ में सर्कुलर जारी कर इसका पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को दिया गया है। इससे काफी हद तक पुलिस अधीक्षकों की थाना व चौकी इंचार्जों की मनमानी पर रोक लगेगी। इसके तहत अब 58 साल से अधिक उम्र वाले उपनिरीक्षक या निरीक्षक थानों का इंचार्ज नहीं हो सकेंगे। थाना इंचार्ज बनाते समय पुलिस अधीक्षक यह भी देखेंगे कि पांच साल के अंतराल में उनकी सत्यनिष्ठा प्रमाण पत्र न रोका गया हो। अगर ऐसा होगा तो वह थाना इंचार्ज कतई नहीं बन सकते। थाना इंचार्ज बनाते समय यह भी देखा जाएगा कि तीन साल में गंभीर प्रकृति के दंड या प्रतिकूल मन्तव्य न प्रदान किए गए हों। जिस थाना व चौकियों पर निरीक्षक, उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल रहे चुके हैं उनकी दोबारा वहां तैनाती नहीं की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि जुगाड़ के चलते थानों पर दोबारा पोङ्क्षस्टग हो जाती है। इस तरह की तैनाती पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। डीजीपी के यहां से जारी सर्कुलर में स्पष्ट निर्देश है कि बार-बार थानों से इंचार्ज को हटाया नहीं जाएगा, जब तक उन्हें हटाने का ठोस कारण न हो। अभी तक बिना ठोस कारण के भी इंचार्ज व सिपाहियों को हटा दिया जाता था। ऐसे में जवान हताशा का शिकार हो जाते थे। डीजीपी ने इस पर रोक लगाते थाना इंचार्ज को तभी हटाया जाए जब कोई ठोस कारण हो। बेवजह हटाने पर उन्होंने पूरी तरह से रोक लगा दी हैं। डीजीपी का सर्कुलर प्राप्त हो गया है। परिक्षेत्र के सभी पुलिस अधीक्षक को इससे अवगत करा दिया गया है। बलिया में केवल एक थाने का मामला है। यहां एक थाने पर इंस्पेक्टर की तैनाती होनी चाहिए लेकिन उपनिरीक्षक तैनात है। इसे 15 अगस्त के बाद ठीक कर लिया जाएगा। बाकी जोन के अन्य जिले में सभी मानक के अनुरूप हैं। -मनोज तिवारी, डीआईजी आजमगढ़ परिक्षेत्र।

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